दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों की लग गई लॉटरी! पढ़ाई के साथ हर महीने कमाएं ₹25,000 तक, जानिए इस सरकारी स्कीम की पूरी सच्चाई
देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। डीयू प्रशासन ने अपने छात्रों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और पढ़ाई के दौरान व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से एक बेहतरीन पहल की है। इस विशेष योजना के तहत दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों और विभागों में पढ़ रहे छात्र अपनी नियमित कक्षाओं के साथ-साथ कैंपस में ही पार्ट-टाइम काम करके हर महीने ₹25,000 तक की सम्मानजनक राशि कमा सकते हैं। 'अर्न व्हाइल यू लर्न' (Earn While You Learn) की तर्ज पर शुरू की गई इस योजना से उन छात्रों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी जो दिल्ली जैसे बड़े शहर में रहकर पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए संघर्ष करते हैं।
क्या है डीयू की यह 'वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम'?
दिल्ली विश्वविद्यालय की इस बेहद लोकप्रिय और कल्याणकारी योजना का नाम 'वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम' (VCIS) है। इस योजना को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है ताकि छात्रों को उनकी सुविधा के अनुसार काम मिल सके। पहली श्रेणी 'रेगुलर इंटर्नशिप' की है जो गर्मियों या सर्दियों की छुट्टियों के दौरान पूरे समय के लिए होती है। वहीं, दूसरी श्रेणी 'पार्ट-टाइम इंटर्नशिप' की है जो शैक्षणिक सत्र के दौरान कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ चलती है। इस योजना के तहत छात्रों को दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, लाइब्रेरी, कंप्यूटर सेंटर और प्रशासनिक कार्यालयों में अलग-अलग प्रोजेक्ट्स और तकनीकी कार्यों के लिए तैनात किया जाता है, जिससे उनके कौशल (Skills) में भी भारी विकास होता है।
जानिए कैसे तय होती है ₹25,000 तक की कमाई
इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली मानदेय (Stipend) राशि छात्रों के काम करने के घंटों और इंटर्नशिप के प्रकार पर निर्भर करती है। रेगुलर इंटर्नशिप के दौरान जब छात्र पूरे समय के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में योगदान देते हैं, तो उन्हें अधिकतम ₹25,000 प्रति माह तक का वजीफा दिया जाता है। वहीं, शैक्षणिक सत्र के दौरान पार्ट-टाइम इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को प्रति सप्ताह लगभग 12 से 20 घंटे काम करना होता है, जिसके लिए उन्हें ₹10,000 से ₹15,000 प्रति माह तक का भुगतान किया जाता है। यह राशि सीधे छात्रों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे वे अपनी कॉलेज की फीस और रहने-खाने का खर्च आसानी से उठा सकते हैं।
कौन कर सकता है अप्लाई? जानिए जरूरी योग्यता
डीयू की इस वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम का लाभ उठाने के लिए विश्वविद्यालय ने कुछ जरूरी नियम और शर्तें तय की हैं। इस योजना के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के किसी भी नियमित (Regular) कोर्स में पढ़ रहे अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) स्तर के छात्र आवेदन करने के पात्र हैं। ध्यान रहे कि स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) और नॉन-कॉलेजिएट वुमेंस एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) के छात्र इस योजना के पात्र नहीं होते हैं। इसके अलावा, आवेदक छात्र का पिछला शैक्षणिक रिकॉर्ड अच्छा होना चाहिए और उसके कॉलेज या विभाग के डीन/प्रिंसिपल से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलना अनिवार्य है ताकि इंटर्नशिप की वजह से छात्र की कॉलेज अटेंडेंस पर कोई बुरा असर न पड़े।
आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया बेहद आसान
यदि आप भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के नियमित छात्र हैं और इस योजना का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको डीयू के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने पर वेबसाइट पर एक विशेष VCIS रजिस्ट्रेशन लिंक एक्टिवेट किया जाता है। छात्रों को वहां अपनी बुनियादी जानकारी, कॉलेज का रोल नंबर, पिछले सेमेस्टर की मार्कशीट और अपनी रुचियों व स्किल्स का विवरण दर्ज करना होता है। इसके बाद विश्वविद्यालय की एक चयन समिति प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग करती है और शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को एक संक्षिप्त इंटरव्यू या ग्रुप डिस्कशन के लिए बुलाया जाता है। अंतिम रूप से चयनित छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार संबंधित विभागों में इंटर्नशिप के लिए अलॉटमेंट लेटर जारी कर दिया जाता है।