पिता किसान, 25 साल के बेटे का PM सलाहकार समिति में चयन, CBI में भी कर चुके हैं काम

पिता किसान, 25 साल के बेटे का PM सलाहकार समिति में चयन, CBI में भी कर चुके हैं काम

दृढ़ संकल्प, अटूट लगन और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता की नई गाथा लिखने वाले देश के युवाओं के लिए एक बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आई है। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले 25 वर्षीय होनहार युवा ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा और बौद्धिक क्षमता के बल पर देश की सर्वोच्च आर्थिक व नीतिगत संस्था—प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) में अपना चयन कराकर इतिहास रच दिया है। इतनी कम उम्र में देश के शीर्ष रणनीतिक और नीति-निर्माण मंच तक पहुंचने का यह कारनामा पूरे देश के युवाओं के लिए मिसाल बन गया है। इससे पहले यह प्रतिभावान युवा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी देश की प्रीमियम जांच एजेंसी में भी अपनी सेवाएं दे चुका है। एक छोटे से गांव से निकलकर देश के प्रधानमंत्री के नीतिगत सलाहकार तंत्र तक का यह सफर न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।

खेत-खलिहान से देश की सर्वोच्च नीतिगत टेबल तक का सफर: सीबीआई में कार्य अनुभव और पीएम सलाहकार समिति में चयन की पूरी कहानी

गांव की मिट्टी से जुड़े इस युवा के पिता एक साधारण किसान हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अपने बेटे की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। बचपन से ही मेधावी रहे इस युवा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव और स्थानीय सरकारी संस्थानों से पूरी की, जिसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए। उनकी कुशाग्र बुद्धि और विश्लेषणात्मक क्षमता का ही परिणाम था कि बेहद कम उम्र में उन्हें सीबीआई में अपनी प्रशासनिक और विश्लेषणात्मक सेवाएं देने का अवसर मिला। सीबीआई में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जटिल मामलों, आर्थिक अपराधों और डेटा विश्लेषण से जुड़ी भूमिकाओं को अत्यंत निष्ठा और कुशलता के साथ निभाया।

उनके इसी बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड, प्रशासनिक दक्षता और आर्थिक मामलों पर पकड़ को देखते हुए उन्हें प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीएम सलाहकार समिति में उनका मुख्य कार्य देश की प्रमुख आर्थिक नीतियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और एआई-संचालित आधुनिक नीतियों के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण इनपुट देना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जमीनी हकीकत से जुड़े किसान के बेटे का इस समिति में शामिल होना ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि सुधारों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर नीति-निर्माण को एक नई और व्यावहारिक दिशा देगा। उनके गांव पहुंचते ही जश्न का माहौल है, जहां ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उनके पिता और परिवार को बधाई देने के लिए एकत्र हो रहे हैं।