अमेरिका की इन 25 यूनिवर्सिटीज से डिग्री लेते ही खुल जाती है किस्मत, फॉर्ब्स की नई रैंकिंग में सामने आए हैरान करने वाले आंकड़े
दुनिया भर में उच्च शिक्षा हासिल करने और अपने करियर को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सपना हर युवा देखता है, लेकिन अगर पढ़ाई ऐसे संस्थान से हो जो बेहतर भविष्य के साथ-साथ शानदार पैकेज की गारंटी भी दे, तो सोने पर सुहागा हो जाता है। प्रतिष्ठित अमेरिकी पत्रिका फॉर्ब्स (Forbes) ने हाल ही में अपनी नई टॉप यूनिवर्सिटीज की रैंकिंग जारी कर दी है, जिसमें उन चुनिंदा 25 शैक्षणिक संस्थानों के नामों से पर्दा उठाया गया है जिनसे डिग्री लेने वाले छात्रों को दुनिया भर में सबसे मोटे पैकेज और लाखों-करोड़ों की सैलरी मिलती है। फॉर्ब्स की इस ताजा रिपोर्ट के सामने आने के बाद से ही उन छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है जो अमेरिका जाकर पढ़ाई करने और अपनी किस्मत चमकाने का सपना देख रहे हैं। इस लिस्ट में केवल महंगे प्राइवेट विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि कुछ ऐसे किफायती सार्वजनिक संस्थान और कम खर्चे वाले कॉलेज भी शामिल हैं जिन्होंने रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) के मामले में बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि आखिर किन 25 यूनिवर्सिटीज से पढ़ाई करने पर छात्रों पर पैसों की बारिश होती है और फॉर्ब्स ने अपनी इस सूची को तैयार करने के लिए किन खास पैमानों का इस्तेमाल किया है।
फॉर्ब्स की रैंकिंग में प्रिंसटन और एमआईटी का जलवा, छात्रों को मिल रहा है बंपर रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट
फॉर्ब्स की इस बहुप्रतीक्षित लिस्ट में अमेरिका के शीर्ष विश्वविद्यालयों ने अपनी साख को एक बार फिर से साबित किया है, जहां से निकलने वाले पूर्व छात्र आज दुनिया की शीर्ष कंपनियों में लीडरशिप भूमिकाओं में हैं। इस रैंकिंग के मुताबिक प्रिंसटन यूनिवर्सिटी (Princeton University), मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी यानी एमआईटी (MIT), और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) जैसे संस्थान छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके भविष्य को वित्तीय रूप से भी पूरी तरह सुरक्षित करते हैं। इन संस्थानों से ग्रेजुएशन पूरा करने वाले युवाओं का शुरुआती और मध्यम-अवधि का वेतन लाखों-करोड़ों डॉलर में होता है, जो दुनिया के किसी भी अन्य कॉलेज के मुकाबले काफी ज्यादा है। फॉर्ब्स ने अपने इस सर्वे में इस बात का विशेष विश्लेषण किया है कि छात्रों द्वारा पढ़ाई पर खर्च किए गए पैसों (ट्यूशन फीस और रहने का खर्च) के मुकाबले उन्हें卒業 होने के बाद कितना आर्थिक रिटर्न मिल रहा है। जिन संस्थानों ने इस पैमाने पर सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है, उन्हें इस टॉप 25 की सूची में विशेष स्थान दिया गया है।
कम खर्च में भी अमीर बनने का रास्ता, CUNY के कॉलेजों ने कम लागत में दिखाया बड़ा कमाल
इस बार की फॉर्ब्स रैंकिंग की सबसे बड़ी और दिलचस्प बात यह रही है कि इसमें केवल दुनिया के सबसे महंगे और कुलीन (Elite) प्राइवेट स्कूलों का ही दबदबा नहीं है, बल्कि कम बजट वाले पब्लिक कॉलेजों ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। उदाहरण के लिए, न्यूयॉर्क के सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क यानी हंटर कॉलेज, ब्रुकलिन कॉलेज और बारूक कॉलेज जैसे पब्लिक संस्थानों ने कम फीस और बेहतरीन प्लेसमेंट के दम पर टॉप लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। इन संस्थानों में स्थानीय छात्रों के लिए ट्यूशन फीस बेहद कम होती है और ग्रेजुएट होने के बाद मिलने वाला शुरुआती पैकेज इतना शानदार होता है कि छात्र बहुत कम समय में अपने ऊपर लिया गया स्टूडेंट लोन चुका देते हैं। यही वजह है कि फॉर्ब्स ने अपनी रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) की सूची में इन बजट-फ्रेंडली कॉलेजों को शीर्ष स्थान देकर यह साबित कर दिया है कि बेहतरीन करियर के लिए हमेशा करोड़ों की फीस देना अनिवार्य नहीं है, बशर्ते आपकी मेहनत और संस्थान की शिक्षा सही दिशा में हो।
किन पैमानों पर तैयार होती है फॉर्ब्स की यह रिपोर्ट और भारतीय छात्रों के लिए क्यों है यह बेहद अहम
हर साल जारी होने वाली फॉर्ब्स की यह सूची किसी साधारण यूनिवर्सिटी सर्वे से काफी अलग होती है, क्योंकि इसे तैयार करने में बेहद कड़े और डेटा-ड्रिवन 14 आउटकम-फोकस मैट्रिक्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से पूर्व छात्रों के वेतन (Alumni Salary), ग्रेजुएशन की दर (Graduation Rate), छात्रों पर चढ़ने वाला कर्ज (Student Debt), पढ़ाई के बाद मिलने वाला वित्तीय रिटर्न (ROI), और देश व दुनिया में उन संस्थानों के छात्रों का प्रभाव शामिल होता है। भारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए जो अमेरिका में पढ़ने की इच्छा रखते हैं, यह रैंकिंग एक गाइड की तरह काम करती है। यदि कोई छात्र भारी-भरकम लोन लेकर अमेरिका जा रहा है, तो उसके लिए यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि वह जिस यूनिवर्सिटी में दाखिला ले रहा है, क्या वहां से निकलने के बाद उसे उतनी सैलरी मिल पाएगी जिससे वह आसानी से अपना कर्ज चुका सके और एक सफल जीवन जी सके। फॉर्ब्स की यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि सही यूनिवर्सिटी का चुनाव आपके पूरे करियर की दिशा और दशा दोनों को पूरी तरह बदलकर रख सकता है।