सरकारी नौकरी का नया मौका! यूपी होमगार्ड विभाग में 7,600 पदों पर भर्ती

सरकारी नौकरी का नया मौका! यूपी होमगार्ड विभाग में 7,600 पदों पर भर्ती

उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवा में जाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक और बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से होमगार्ड विभाग में 7,600 नए पदों पर भर्ती करने का खाका तैयार कर लिया है। शासन स्तर से इस संबंध में होमगार्ड संगठन को औपचारिक हरी झंडी मिल चुकी है।

वर्तमान में जारी 41,424 होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती प्रक्रिया जैसे ही अंतिम चरण तक पहुंचेगी, तुरंत इन 7,600 पदों पर नए भर्ती अभियान की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

किन-किन पदों पर होगी नई नियुक्तियां?

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित 7,600 पदों की भर्ती में केवल स्वयंसेवक ही नहीं बल्कि विभागीय ढांचे को मजबूत करने वाले कई महत्वपूर्ण संवर्ग शामिल किए गए हैं। इस भर्ती में मुख्य रूप से लिपिक संवर्ग (Clerical Cadre), ब्लॉक ऑर्गनाइजर (Block Organizer) और प्लाटून कमांडर (Platoon Commander) जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल होंगे। इन पदों पर सीधी भर्ती होने से विभाग में फील्ड स्तर से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

41,424 पदों पर शारीरिक दक्षता परीक्षा का दौर जारी

उत्तर प्रदेश में होमगार्ड विभाग के सांगठनिक ढांचे की बात करें तो यहां कुल 1,18,348 स्वीकृत पद हैं। वर्तमान में इनमें से 69,324 पदों पर कर्मी कार्यरत हैं, जबकि रिक्त पड़े 41,424 पदों को भरने की विस्तृत प्रक्रिया पहले से प्रगति पर है। इस समय प्रदेश के 12 प्रमुख जिलों में शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इस भर्ती के अंतिम परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद नई 7,600 भर्तियों की प्रक्रिया को रफ्तार दी जाएगी।

सुरक्षा और चुनाव ड्यूटी में अहम भूमिका, बढ़ेगी मानव संसाधन क्षमता

उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन, कुंभ व माघ जैसे विशाल मेलों के सफल आयोजन और संवेदनशील विधानसभा व लोकसभा चुनावों के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखने में होमगार्ड स्वयंसेवकों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान होती है। बढ़ती जनसंख्या और सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। नई भर्तियों से न केवल विभाग की मानव संसाधन क्षमता (Manpower) बढ़ेगी, बल्कि राज्य के हजारों योग्य युवाओं को सह-सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों में रोजगार का बेहतरीन अवसर भी मिलेगा।