यूपीएससी टॉपरों की अनोखी लव स्टोरी: जब दिल दे बैठे 50वीं और 51वीं रैंक वाले IAS प्रतिष्ठा ममगाईं और संबित मिश्रा, जानें इनकी पूरी कहानी
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए जहां युवा दिन-रात एक कर देते हैं, वहीं कुछ जोड़ियों के लिए यह परीक्षा उनके करियर के साथ-साथ जिंदगी का सबसे खूबसूरत मोड़ भी बन जाती है। देश के सबसे युवा कलेक्टर्स की सूची में शामिल आईएएस अधिकारी संबित मिश्रा (IAS Sambit Mishra) और आईएएस प्रतिष्ठा ममगाईं (IAS Pratishtha Mamgain) की प्रेम कहानी भी कुछ ऐसी ही है। लबासना (LBSNAA) की वादियों से शुरू हुई यह लव स्टोरी आज सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में खूब सुर्खियां बटोर रही है।
कौन हैं IAS प्रतिष्ठा ममगाईं और IAS संबित मिश्रा?
प्रतिष्ठा ममगाईं और संबित मिश्रा दोनों ही वर्ष 2018 बैच के बेहद होनहार आईएएस अधिकारी हैं। इस जोड़ी की सबसे अनोखी और हैरान करने वाली बात यह है कि यूपीएससी की अंतिम मेरिट लिस्ट में दोनों का नाम बिल्कुल एक के बाद एक था। सिविल सेवा परीक्षा 2017 के आए परिणामों में संबित मिश्रा ने देश भर में 50वीं रैंक (All India Rank 50) हासिल की थी, जबकि प्रतिष्ठा ममगाईं ने ठीक उनके बाद 51वीं रैंक (All India Rank 51) प्राप्त की थी।
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IAS संबित मिश्रा: संबित मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं। वे बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं और बहुत ही कम उम्र में आईएएस बनने का गौरव हासिल कर देश के यंगेस्ट कलेक्टर्स की लीग में शामिल हुए।
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IAS प्रतिष्ठा ममगाईं: प्रतिष्ठा मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर पहले ही प्रयास में इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास कर अपने परिवार और राज्य का नाम रोशन किया।
लबासना की ट्रेनिंग के दौरान एक-दूसरे को दे बैठे दिल
50वीं और 51वीं रैंक होने के कारण मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग के दौरान दोनों का रोल नंबर और ग्रुप्स अक्सर आसपास ही रहते थे। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत और दोस्ती हुई, लेकिन धीरे-धीरे ट्रेनिंग के कठिन दौर, ट्रेकिंग और ग्रुप डिस्कशन के दौरान यह दोस्ती गहरे प्यार में बदल गई। दोनों ने एक-दूसरे के विचारों, सादगी और काम के प्रति समर्पण को पसंद किया और हमेशा के लिए एक-दूसरे का हाथ थामने का फैसला कर लिया। लबासना से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर शादी के पवित्र बंधन में तब्दील हो गया।
प्रशासनिक सेवाओं के साथ-साथ निभा रहे हैं जिंदगी का सफर
शादी के बाद कैडर ट्रांसफर के नियमों के तहत दोनों को एक ही राज्य का कैडर आवंटित हुआ, जिसके बाद दोनों जमीनी स्तर पर जनता की सेवा में जुट गए। संबित मिश्रा जहां अपनी त्वरित निर्णय क्षमता और प्रशासनिक सूझबूझ के लिए जाने जाते हैं, वहीं प्रतिष्ठा ममगाईं महिला सशक्तीकरण और बच्चों की शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बेहद संवेदनशीलता से काम कर रही हैं। सोशल मीडिया पर इस आईएएस कपल की तस्वीरें युवाओं को न केवल कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा देती हैं, बल्कि यह भी सिखाती हैं कि कैसे करियर के साथ-साथ एक खूबसूरत रिश्ते को भी पूरी ईमानदारी से निभाया जा सकता है।