UP Kiran,Digital Desk: यूपी के पूर्वी हिस्से में रेल यात्रा को लेकर जो भी समस्याएं रही हैं, अब उनका समाधान होता दिख रहा है। रेल मंत्रालय ने वाराणसी मंडल के औंड़िहार-वाराणसी खंड पर तीसरी रेल लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है, जिससे इस क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। लगभग 497 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना पूर्वांचल के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
रेल यातायात की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद
यह परियोजना सीधे तौर पर वाराणसी और गाजीपुर जिलों के लाखों निवासियों को लाभ पहुंचाएगी। इसके अलावा, यह पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में रेल यात्रा की क्षमता को भी बढ़ावा देगी। खासकर उन यात्रियों के लिए जो वाराणसी और गाजीपुर के बीच नियमित रूप से यात्रा करते हैं, अब उनके लिए सुविधाजनक और तेज यात्रा संभव होगी।
दोहरीकरण कार्य में हो रही तेज़ी
इस परियोजना के तहत भटनी से औंड़िहार तक का दोहरीकरण कार्य भी जोरों पर है। इस क्षेत्र में कुल 89 किलोमीटर का दोहरीकरण कार्य पूरा हो चुका है, और पिवकोल से बेलथरा रोड खंड में अंतिम चरण का काम चल रहा है। इसके साथ ही, इस रेल मार्ग के विद्युतीकरण के कार्य भी तेजी से पूरे हो रहे हैं, जिससे ट्रेन की गति में सुधार और पर्यावरणीय लाभ दोनों होंगे।
तीसरी रेल लाइन से और बेहतर होगा गोरखपुर-वाराणसी-प्रयागराज मार्ग
तीसरी रेल लाइन के बनने से गोरखपुर-वाराणसी-प्रयागराज रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही और भी सुगम हो जाएगी। इससे यात्रियों को और अधिक ट्रेन सेवाएं मिल सकेंगी और रेलवे द्वारा समय पर यात्रा सेवा सुनिश्चित की जाएगी। औंड़िहार जंक्शन, जो उत्तर रेलवे के प्रमुख केंद्रों में से एक है, यहां से गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, गाजीपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर जैसे बड़े शहरों के लिए ट्रेनें चलती हैं। तीसरी लाइन के माध्यम से इन शहरों के बीच यात्रा करना अब और भी आरामदायक हो जाएगा।




