खान मुबारक का राइट हैंड परवेज अहमद मुठभेड़ में ढेर, पत्नी पर भी है एक लाख का ईनाम

माफिया डॉन खान मुबारक का दाहिना हाथ माने जाने वाला परवेज अहमद रविवार को गोरखपुर में एसटीएफ ने मार गिराया।

अम्बेडकर नगर/गोरखपुर। माफिया डॉन खान मुबारक का दाहिना हाथ माने जाने वाला परवेज अहमद रविवार को गोरखपुर में एसटीएफ ने मार गिराया। उस पर एक लाख रुपये का ईनाम था और वर्ष 2018 से उसकी तलाश की जा रही थी। बसपा नेता जुरगाम मेंहदी की हत्या के बाद परवेज जिले से फरार हो गया था। अंबेडकरनगर जिले के रहने वाले माफिया खान मुबारक के शूटर व एक लाख के ईनामी परवेज को गोरखपुर एसटीएफ ने रविवार दोपहर चिलुआताल के चिउटहा पुल पर घेर लिया। टीम पर फायरिंग कर बदमाश ने भागने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में मारा गया। बदमाश का एक साथी फरार हो गया, जिसकी तलाश चल रही है। परवेज की पत्नी रुबीना पर भी एक लाख रुपये का ईनाम है।

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व्यापारी से रंगदारी मांगी थी

एसटीएफ गोरखपुर यूनिट के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह को सूचना मिली कि एक लाख का ईनामी बदमाश परवेज महराजगंज की तरफ से शहर की तरफ आ रहा है। अंबेडकर जिले के एक व्यापारी से उसने रंगदारी मांगी है, जिसे लेने जा रहा है। उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बाद प्रभारी निरीक्षक चिउटहा पुल के पास पहुंच गए।

बाइक से साथी के साथ आ रहे बदमाश को टीम ने रोका तो फायरिंग कर कुदरिया बंधे की तरफ भाग निकला। पीछा करने पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश के सीने व पैर में गोली लग गई। बाइक चला रहा बदमाश फरार हो गया। गम्भीर स्थिति में एसटीएफ की टीम परवेज को सीएचसी जंगल कौड़िया ले गई जहां से मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कालेज पहुंचने पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

परवेज का अपराधिक इतिहास

एनकाउंटर में मारे गए परवेज के अपराधिक इतिहास पर नजर डालें तो 2012 में एक हत्या में शामिल होने के बाद उसका नाम सामने आया था। मूलरूप से अलीगंज थाना क्षेत्र के मखदूम नगर का रहने वाला परवेज शादी होने के बाद से हंसवर थाना क्षेत्र के ओझीपुर गांव में स्थित अपनी ससुराल में पत्नी रुबीना के साथ रहने लगा था। यहीं से उसकी पहचान हंसवर थाना क्षेत्र के ही हरसंभार गांव के रहने वाले माफिया खान मुबारक से हुई थी। खान मुबारक से हाथ मिलाने के बाद परवेज ने जब जरायम की दुनिया में कदम रखा तब फिर उसने अपने कदम वापस नहीं खींचे।

हंसवर थाने में ही 2012 से 2018 के बीच में उस पर हत्या के तीन मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा उस पर गैंगस्टर सहित अन्य गम्भीर अपराधों में भी हंसवर थाने में मुकदमें पंजीकृत किए गए हैं। परवेज के विरुद्ध हंसवर थाने में ही 10 मुकदमा पंजीकृत है।

नेपाल में है पत्नी

गत वर्ष प्रदेश सरकार द्वारा अपराधियों के विरूद्ध चलाए गए विशेष अभियान में जिले की पुलिस ने परवेज और रुबीना के मखदूम नगर में स्थित आवास को भी सील कर दिया था। कुछ हिस्से को ध्वस्त करा दिया था। परवेज एनटीपीसी में कोयले की राख के ठेके के मामले में अक्सर हस्तक्षेप किया करता था, जिसके कारण वह सुर्खियों में रहा करता था। परवेज को मार गिराए जाने के बाद जिले की पुलिस को काफी सुकून मिला है। हालांकि अभी उसकी पत्नी रुबीना पुलिस के चंगुल से बाहर है। रुबीना व उसके दोनों बच्चों का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। फिलहाल उनके नेपाल में होने की बात बताई जा रही है।

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