2 लाख एकड़ बंजर जमीन 'उगलेगी सोना', वर्ल्ड बैंक से 4000 करोड़ की मिली मंजूरी; जानें 7 जिलों में क्या बदलेगी तस्वीर

2 लाख एकड़ बंजर जमीन 'उगलेगी सोना', वर्ल्ड बैंक से 4000 करोड़ की मिली मंजूरी; जानें 7 जिलों में क्या बदलेगी तस्वीर

हरियाणा के बंजर और जलभराव वाले इलाकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। वर्ल्ड बैंक ने राज्य की करीब 2 लाख एकड़ बंजर जमीन को फिर से उपजाऊ बनाने की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए 4000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लोन मंजूर किया गया है। यह प्रोजेक्ट हरियाणा के कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने वाला है। इस योजना के तहत राज्य के 7 जिलों पर विशेष फोकस रखा जाएगा, जहां खेती-किसानी के लिए 9 प्रमुख कार्य किए जाएंगे।

इन 7 जिलों की चमकेगी किस्मत

इस मेगा प्रोजेक्ट का लाभ मुख्य रूप से उन जिलों को मिलेगा जो लंबे समय से जलभराव (Waterlogging) और जमीन के बंजर होने की समस्या से जूझ रहे हैं। इसमें रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, जींद, भिवानी और कैथल जैसे जिले शामिल हैं। इन इलाकों की जमीन को 'रीक्लेम' यानी पुनर्जीवित करके वहां दोबारा हरियाली लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसानों की आय में सीधे तौर पर बढ़ोतरी हो सकेगी।

वे 9 बड़े काम जिनसे बदलेगी कृषि तस्वीर

वर्ल्ड बैंक के इस फंड का उपयोग निम्नलिखित 9 महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाएगा:

  1. जल निकासी प्रणाली (Drainage Network): खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम का जाल बिछाया जाएगा।

  2. मिट्टी का उपचार (Soil Treatment): बंजर और क्षारीय जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी का उपचार होगा।

  3. सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation): पानी की बर्बादी रोकने के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा दिया जाएगा।

  4. नहरों का नवीनीकरण: पुरानी नहरों और जलमार्गों की मरम्मत की जाएगी ताकि पानी की उपलब्धता बनी रहे।

  5. फसल विविधीकरण (Crop Diversification): परंपरागत फसलों के अलावा उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देना।

  6. पंपिंग स्टेशनों का निर्माण: जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए नए अत्याधुनिक पंपिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।

  7. तकनीकी प्रशिक्षण: किसानों को आधुनिक तकनीक और खेती के उन्नत तरीकों के बारे में प्रशिक्षित करना।

  8. भूमि संरक्षण: मिट्टी के कटाव और गुणवत्ता को बचाने के लिए नए संरक्षण ढांचे तैयार करना।

  9. बाजार संपर्क (Market Linkage): किसानों द्वारा उपजाऊ जमीन पर पैदा की गई फसलों को बेहतर बाजार मुहैया कराना।

आर्थिक विकास और रोजगार की नई राह

यह प्रोजेक्ट केवल कृषि के लिए ही नहीं, बल्कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। 2 लाख एकड़ जमीन जब दोबारा उपजाऊ होगी, तो इससे लाखों किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना अपने लक्ष्यों को प्राप्त करती है, तो हरियाणा देश में कृषि के क्षेत्र में एक नया मॉडल पेश करेगा।