हामिद अंसारी की किताब का जिक्र कर कांग्रेस पर बरसे सुधांशु त्रिवेदी, लगाए कई बड़े आरोप

हामिद अंसारी की किताब का जिक्र कर कांग्रेस पर बरसे सुधांशु त्रिवेदी, लगाए कई बड़े आरोप

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपनी पुरानी पहचान खोकर अब पूरी तरह 'अल्ट्रा-लेफ्ट' (अति-वामपंथी) विचारधारा की गिरफ्त में आ चुकी है।

त्रिवेदी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा 2019 की एक पुस्तक के हवाले से दिए गए बयान का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सोच देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की उसी नीति का विस्तार है, जिसमें राष्ट्रवाद को कम्युनिज्म से बड़ा खतरा माना गया था।

हामिद अंसारी के हवाले से कांग्रेस पर तीन बड़े हमले

सुधांशु त्रिवेदी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का आभार जताते हुए कहा कि उनके संदर्भ ने तीन प्रमुख सच्चाइयों को बेनकाब कर दिया है। पहला, आज की कांग्रेस पूरी तरह 'मुस्लिम लीग माओइस्ट कांग्रेस' में तब्दील हो चुकी है। दूसरा, तत्कालीन दौर में नेहरू जी के अनुसार कम्युनिज्म एक खतरा था, लेकिन आज की कांग्रेस खुद अति-वामपंथ की राह पर चल पड़ी है। तीसरा, राहुल गांधी के मौजूदा राजनीतिक बयानों और विचारों की जड़ें उनकी पारिवारिक विरासत और सोच में ही छिपी हुई हैं।

मुस्लिम लीग गठबंधन पर सवाल: 'जिन्ना वाली लीग से अलग नहीं IUML'

केरल में कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के गठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास का यह एक काला अध्याय है कि मुस्लिम लीग के पांच मंत्री सरकार में रहे। उन्होंने कहा कि जो लोग यह तर्क देते हैं कि वर्तमान मुस्लिम लीग मोहम्मद अली जिन्ना वाली लीग नहीं है, वे जनता को गुमराह कर रहे हैं। त्रिवेदी ने ऐतिहासिक तथ्य सामने रखते हुए कहा कि इसके संस्थापक मुहम्मद इस्माइल, जिन्ना की मुस्लिम लीग की मद्रास प्रेसीडेंसी के प्रमुख थे। यदि जिन्ना को 'कायद-ए-आजम' कहा जाता था, तो इस्माइल को 'कायद-ए-मिल्लत' कहा जाता था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर यह वह मुस्लिम लीग नहीं है, तो आज की पार्टी भी वह मूल 'इंडियन नेशनल कांग्रेस' नहीं रही।

'जो नेहरू की सोच थी, वही राहुल गांधी की सोच': विकीलीक्स का किया जिक्र

राहुल गांधी के पुराने बयानों पर निशाना साधते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा कि वॉशिंगटन जाकर यह कहने का क्या औचित्य था कि बीजेपी सांप्रदायिक है और मुस्लिम लीग पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) है? उन्होंने 2011 के विकीलीक्स खुलासे का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने तत्कालीन अमेरिकी राजदूत से मुलाकात के दौरान कहा था कि भारत के लिए लश्कर-ए-तैयबा से भी बड़ा खतरा 'हिंदू उभार' है। त्रिवेदी ने रेखांकित किया कि कांग्रेस ने कभी भी इन विकीलीक्स दावों का आधिकारिक रूप से खंडन नहीं किया, जो यह साबित करता है कि राहुल गांधी की सोच और पंडित नेहरू के विचारों में एकरूपता है।

नेहरू के संदर्भ पर कांग्रेस समर्थकों को दो टूक

नेहरू के संदर्भ को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अक्सर कांग्रेस समर्थक पूछते हैं कि बीजेपी हर बात में नेहरू को क्यों लाती है। लेकिन इस बार नेहरू का संदर्भ बीजेपी नहीं, बल्कि कांग्रेस समर्थकों के पसंदीदा और उच्च संवैधानिक पद पर रहे पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि अंसारी के इस खुलासे से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि आज राहुल गांधी की बातों में जो रुख दिखाई देता है, वह कोई तात्कालिक रणनीति नहीं बल्कि एक पुरानी 'खानदानी सोच' का हिस्सा है।