41 साल की नीला ने रचा इतिहास! ग्रीन पार्टी के टिकट पर जीता चुनाव, अब स्वीडन की संसद में एंट्री
महाराष्ट्र की समृद्ध राजनीतिक और सामाजिक विरासत से ताल्लुक रखने वाली नीला विखे पाटिल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतिहास रच दिया है। शनिवार को हुई आधिकारिक घोषणा के अनुसार, राज्य के जाने-माने शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी नीला अब स्वीडन की संसद (रिक्स्डैग) में बतौर सांसद अपनी सेवाएं देंगी। 41 वर्षीय नीला ने 13 सितंबर को संपन्न हुए राष्ट्रीय चुनावों में ग्रीन पार्टी के टिकट पर स्टॉकहोम शहर निर्वाचन क्षेत्र से शानदार जीत दर्ज की है।
349 सदस्यीय 'रिक्स्डैग' में वामपंथी गठबंधन की जीत
स्वीडन में हुए इस बेहद करीबी आम चुनाव में देश के वामपंथी विपक्ष ने 349 सीटों वाली संसद में 176 सीटें जीतकर निर्णायक व मामूली बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही नीला विखे पाटिल देश की शीर्ष लोकतांत्रिक संस्था का हिस्सा बन गई हैं। वहीं, निवर्तमान रूढ़िवादी नेतृत्व वाली सरकार का गठन करने वाले और उसका समर्थन करने वाले चार दलों के गठबंधन को 173 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। विपक्षी खेमे में शामिल ग्रीन पार्टी ने मुख्य रूप से पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और हरित राजनीति के मुद्दों पर जनता का विश्वास जीता।
"जो वोट नहीं दे सकते, उनकी आवाज बनूंगी": नीला विखे पाटिल
संसद के लिए चुने जाने के बाद नीला ने समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) से बातचीत में अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि 349 सदस्यीय संसद का हिस्सा बनना एक सुखद अनुभव है और वह शहर व देश दोनों के समावेशी विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए उत्सुक हैं। नीला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह उन वंचित लोगों की मजबूत आवाज बनना चाहेंगी जो अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते। उन्होंने आगे कहा कि वह एक ऐसा समाज गढ़ना चाहती हैं जहां प्रत्येक बच्चे को बेहतर भविष्य का अवसर मिले और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल, जीवंत प्रकृति व मानव-जनित आपदाओं से मुक्त रहने योग्य ग्रह मिल सके।
विखे पाटिल परिवार की ऐतिहासिक राजनीतिक विरासत
स्वीडन में जन्मी नीला विखे पाटिल की जड़ें महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले से गहराई से जुड़ी हुई हैं, जहां उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती साल बिताए थे। वह एशिया की पहली सहकारी चीनी मिल की नींव रखने वाले पद्मश्री विठ्ठलराव विखे पाटिल की परपोती हैं। इसके अलावा, वह पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय बालासाहेब विखे पाटिल की पोती और महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की भतीजी हैं।
उच्च शिक्षा, पीएमओ का अनुभव और पीडब्ल्यूसी में जिम्मेदारी
नीला का शैक्षणिक और पेशेवर दायरा बेहद व्यापक और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून में स्नातक के साथ-साथ एमबीए की डिग्री पूरी की, जिसके बाद मैड्रिड के प्रतिष्ठित कॉम्प्लूटेंस विश्वविद्यालय से भी एमबीए की पढ़ाई की। पेशेवर रूप से वह अप्रैल 2025 में एक अधिकृत सार्वजनिक लेखाकार (Authorized Public Accountant) बनीं।
राजनीतिक मोर्चे पर वह पिछले 25 वर्षों से ग्रीन पार्टी के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी हैं और स्टॉकहोम ग्रीन पार्टी की चुनाव समिति की सदस्य भी हैं। इससे पूर्व वह स्टीफ़न लोफ़वेन प्रशासन के दौर में स्वीडिश प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राजनीतिक सलाहकार रह चुकी हैं, जहाँ उन्होंने वित्त, कराधान और आवास जैसे जटिल मामलों की कमान संभाली थी। वह स्टॉकहोम नगर परिषद की सदस्य के रूप में भी सेवा दे चुकी हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2020 से वह वैश्विक कंसल्टेंसी फर्म प्राइसवॉटरहाउसकूपर्स (PwC) में रणनीति, प्रबंधन, प्रौद्योगिकी और जोखिम परामर्श क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं।