सरकार का छात्राओं को बड़ा तोहफा! स्कूलों में फ्री बंटेंगे 11 लाख से ज्यादा सैनिटरी पैकेट, वर्क ऑर्डर जारी!

सरकार का छात्राओं को बड़ा तोहफा! स्कूलों में फ्री बंटेंगे 11 लाख से ज्यादा सैनिटरी पैकेट, वर्क ऑर्डर जारी!

हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली 9वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं के स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने दिसंबर 2026 तक की अवधि के लिए 11 लाख 04 हजार 813 सैनिटरी नैपकिन पैकेट्स की आपूर्ति का आधिकारिक वर्क आर्डर जारी कर दिया है। सप्लाई एंड डिस्पोजल विभाग पंचकूला द्वारा निर्धारित दरों के तहत गैर-बेल्टेड विंग्स टाइप नैपकिन की खरीद को मंजूरी दी गई है, जिसमें प्रति पैकेट 10 पैड्स होंगे और जीएसटी सहित इसकी दर 20.50 रुपये तय की गई है। इस पूरी आपूर्ति व्यवस्था के जरिए हर महीने करीब 3.68 लाख पैकेट्स सीधे स्कूलों तक पहुंचाए जाएंगे।

सप्लाई प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कुल आर्डर को दो अधिकृत फर्मों के बीच विभाजित किया गया है। केरल स्थित सार्वजनिक उपक्रम एम/एस एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड को 8,14,308 पैकेट्स का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि बहादुरगढ़ की फर्म एम/एस नुवो मेडसर्ज प्राइवेट लिमिटेड को 2,90,505 पैकेट्स की आपूर्ति का आवंटन हुआ है। जिलों की मांग सूची के अनुसार, सबसे अधिक 83,286 पैकेट्स की आवश्यकता गुरुग्राम जिले में दर्ज की गई है। इसके अलावा सिरसा में 70,059, फरीदाबाद में 68,919, करनाल में 64,068, जींद में 59,553, कैथल में 59,313, फतेहाबाद में 56,046, सोनीपत में 54,759 और हिसार में 54,450 पैकेट्स का वितरण तय हुआ है।

वितरण में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या लापरवाही रोकने के लिए निदेशालय ने सख्त सत्यापन नियम तय किए हैं। पैकेट्स की डिलीवरी सीधे संबंधित स्कूलों में होगी और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से डिलीवरी चालान का भौतिक सत्यापन कराए बिना वेंडिंग कंपनियों को कोई भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। सहायक निदेशक (एकेडमिक सेल) ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक और जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी स्वच्छता सुविधाओं की कमी के कारण छात्राओं के स्कूल छोड़ने की समस्या को खत्म करने और क्लासरूम में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।