मॉनसून के बाद महा-तूफान की दस्तक! 60 km/h की आंधी और ओलों की मार, IMD ने 4 राज्यों में जारी किया रेड अलर्ट
मॉनसून की विदाई के बावजूद उत्तर भारत के मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। इस दौरान 14 और 15 अक्टूबर को कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे खेतों में तैयार खड़ी फसलों, बिजली के खंभों और सामान्य आवाजाही को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक मजबूत चक्रवाती परिसंचरण और ऊपरी वायुमंडल में एक द्रोणिका रेखा बनी हुई है, जो इस बेमौसम बारिश को हवा दे रही है। मैदानी इलाकों में ठंड की दस्तक भी दिखने लगी है, जहां हरियाणा के करनाल में न्यूनतम तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान है। मौसम की इस मार को देखते हुए मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि आंधी-तूफान के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें और बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
पहाड़ी राज्यों में हालात कैसे
पहाड़ी राज्यों में हालात ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बुधवार को भारी और गुरुवार को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में भी बुधवार और गुरुवार को भारी बारिश के आसार हैं, जबकि उत्तराखंड में 13 से 19 अक्टूबर के बीच लगातार बारिश और 15 अक्टूबर को ओलों की मार पड़ने की आशंका है। राजस्थान में भी 13 से 16 अक्टूबर के बीच पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली धूलभरी आंधी के साथ रुक-रुक कर बारिश दर्ज हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में 13 और 14 अक्टूबर को आसमान में बादलों की आवाजाही रहेगी, लेकिन 15 और 16 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। तेज हवाओं के चलते 16 अक्टूबर तक दिल्ली में अधिकतम पारा गिरकर 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई जिलों में 14 और 15 अक्टूबर को ओलावृष्टि के साथ 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का यलो अलर्ट दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में 13 से 15 अक्टूबर और पूर्वी जिलों में 15-16 अक्टूबर को बारिश की संभावना जताई गई है। मध्य भारत में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में हफ्ते के अंत तक हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश के आसार हैं, वहीं नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी है।
दूसरी तरफ, दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मॉनसून (रिट्रीटिंग मॉनसून) के आगमन की जमीन तैयार हो चुकी है। दक्षिण अंडमान सागर में बने चक्रवाती परिसंचरण से बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके चलते तमिलनाडु, केरल, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में 14 से 18 अक्टूबर के दौरान मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।