'अर्नब' साइक्लोन से थमा असमान, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कई उड़ानें रद्द
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने भारत के पूर्वी तटीय राज्यों में भारी तबाही की आहट दे दी है। इस भयंकर चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में हवाई सेवाओं पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। आसमान में छाये घने काले बादलों, मूसलाधार बारिश और 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं की वजह से उड़ानों का संचालन पूरी तरह से बाधित हो गया है। विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, भुवनेश्वर और पुरी जैसे प्रमुख शहरों के हवाई अड्डों से संचालित होने वाली कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया है या फिर डायवर्ट कर दिया गया है। अचानक उड़ानों के रद्द होने से हजारों यात्री विभिन्न हवाई अड्डों पर फंस गए हैं और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। चक्रवात 'अर्नब' के तेजी से तट की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
चक्रवात 'अर्नब' का रौद्र रूप: ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों पर हाई अलर्ट, एनडीआरएफ की टीमें तैनात
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान 'अर्नब' पिछले कुछ घंटों के दौरान बेहद खतरनाक रूप धारण कर चुका है। समुद्र में उठती विशाल लहरें तटीय इलाकों को अपनी चपेट में लेने के लिए बेताब दिख रही हैं। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम के साथ-साथ ओडिशा के गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में इसका सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिल रहा है। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा मछुआरों को अगले आदेश तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। चक्रवात के कारण रेल और सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, वहीं हवाई सेवा मुहैया कराने वाली एयरलाइंस कंपनियों जैसे इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर ने यात्रियों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि वे अपनी उड़ानों का शेड्यूल चेक कर सकें।
केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की दर्जनों टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल (Coast Guard) को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चक्रवात के टकराने के बाद अगले 48 घंटे बेहद नाजुक होने वाले हैं, क्योंकि इस दौरान भारी तबाही, पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से पक्के मकानों में रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।