Article 370: एक तरफ PoK में गरज रही बंदूकें, हो रहे प्रदर्शन; दूसरी तरफ कश्मीर लिख रहा विकास की नई कहानी
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से घाटी की तस्वीर और तकदीर दोनों में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। आज जब इस बड़े फैसले की बरसी पर एक तरफ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नागरिक अधिकारों के हनन, भारी महंगाई और दमनकारी नीतियों के खिलाफ गोलियों की गड़गड़ाहट के बीच जनता सड़कों पर उतरकर हिंसक प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय कश्मीर का परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। कभी पत्थरबाजी, आतंकवाद और हड़तालों के साए में जीने वाला कश्मीर अब शांति, उच्च शिक्षा, अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और रिकॉर्ड तोड़ पर्यटन के दम पर विकास की एक नई और स्वर्णिम गाथा लिख रहा है।
PoK में सुलगती आग और जनता का फूटा गुस्सा
सीमा के उस पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं। वहां के मुजफ्फराबाद, मीरपुर और रावलकोट जैसे प्रमुख इलाकों में स्थानीय नागरिकों का गुस्सा चरम पर है। बिजली की भारी किल्लत, आसमान छूती महंगाई, बुनियादी सुविधाओं के अभाव और पाकिस्तानी हुक्मरानों द्वारा जबरन लादी गई दमनकारी नीतियों के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के नाम पर पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने, गोलियां चलाने और मानवाधिकारों का खुलेआम उल्लंघन करने की खबरें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। PoK की जनता अब खुलकर इस अन्याय के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक चुकी है।
भारतीय कश्मीर में बदली आबोहवा: शांति और सुरक्षा का माहौल
इसके बिल्कुल विपरीत, भारतीय संविधान के दायरे में आने के बाद जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था की स्थिति अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुई है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से घाटी में पत्थरबाजी की घटनाएं लगभग शून्य हो चुकी हैं और अलगाववादी ताकतों की कमर पूरी तरह टूट चुकी है। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और स्थानीय युवाओं के मुख्यधारा से जुड़ने के कारण क्षेत्र में आतंक मुक्त और सुरक्षित माहौल तैयार हुआ है। स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालय बिना किसी व्यवधान के चल रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है और माता-पिता भी अब राहत की सांस ले रहे हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल क्रांति से पंख फैलाता विकास
विकास के मोर्चे पर पिछले कुछ वर्षों में जो काम दशकों में नहीं हुए थे, वे अब रिकॉर्ड समय में पूरे किए जा रहे हैं। कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली अत्याधुनिक रेलवे परियोजना (Chenab Bridge और Anji Khad Bridge समेत), ऑल-वेदर रोड नेटवर्क, और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स ने विकास को रफ्तार दे दी है। इसके अलावा, डिजिटल इंडिया पहल के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचने से स्टार्टअप्स, ई-कॉमर्स और स्थानीय कारोबारियों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिल रही है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
पर्यटन का नया स्वर्णिम दौर और रिकॉर्ड तोड़ पर्यटकों का आगमन
पर्यटन, जो कि कश्मीर की आर्थिकी की रीढ़ माना जाता है, आज अपने सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या ने पिछले सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और डल झील के हाउसकीपिंग से लेकर होमस्टे तक, हर जगह पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। नाइट टूरिज्म और विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलने से स्थानीय होटल व्यवसायियों, ट्रांसपोर्टर्स और हस्तशिल्प कारीगरों की आमदनी में जबरदस्त उछाल आया है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि कश्मीर अब तरक्की की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।