दिल्ली में बारिश के बीच बड़ा हादसा: देहरादून एक्सप्रेसवे पर करंट लगने से युवक की मौत, इलाके में फैली सनसनी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बारिश के बीच एक बार फिर करंट लगने से मौत का एक दहला देने वाला मामला सामने आया है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में गुरुवार सुबह देहरादून एक्सप्रेसवे के पास करंट लगने से एक अज्ञात युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।
पुलिस को सुबह करीब 10 बजे सूचना मिली थी कि देहरादून एक्सप्रेसवे के पिलर नंबर 52 के पास डिवाइडर पर एक शख्स अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची, घटनास्थल की घेराबंदी की और फॉरेंसिक टीम को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया।
इलेक्ट्रिक पैनल के संपर्क में आने से हाई वोल्टेज करंट की आशंका
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, करंट की चपेट में आकर बेहोश हुए इस पीड़ित युवक को तुरंत नजदीकी जगप्रवेश चंद्र हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की अनुमानित उम्र करीब 25 वर्ष बताई जा रही है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि आशंका है कि यह युवक लगभग 6 फीट ऊंची डिवाइडर रेलिंग पर चढ़ा होगा और रेलिंग पार करने के बाद पिलर नंबर 52 के पास लगे एक ओपन इलेक्ट्रिक पैनल पर जा उतरा, जिससे वह हाई वोल्टेज बिजली के तारों की चपेट में आ गया और यह हादसा हो गया।
शव को जीटीबी अस्पताल भेजा गया, शिनाख्त की कोशिश जारी
घटना के बाद पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए गुरु तेग बहादुर (GTB) हॉस्पिटल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस आसपास के थानों और अन्य माध्यमों से मृतक की पहचान (शिनाख्त) करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 194 (अप्राकृतिक मृत्यु) के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और इस पूरे हादसे की गहराई से छानबीन की जा रही है कि आखिर इलेक्ट्रिक पैनल खुला क्यों था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
दिल्ली के कपासहेड़ा में भी हो चुका है ऐसा ही हादसा
राजधानी में करंट लगने से मजदूर की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले मार्च के महीने में दिल्ली के ही कपासहेड़ा इलाके में एक निर्माणधीन मकान में काम करते समय करंट लगने से एक मजदूर की जान चली गई थी, जबकि एक राजमिस्त्री गंभीर रूप से घायल हो गया था। मकान निर्माण के दौरान हाई टेंशन बिजली के तारों की चपेट में आने से यह दुर्घटना हुई थी, जहां बांस में करंट उतरने के कारण मजदूर राजकुमार नीचे गिर गए थे और अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।