भारतीय सेना और सुरक्षा बलों के साझा अभियान में आतंकवादियों के गुप्त ठिकाने का बड़ा पर्दाफाश

भारतीय सेना और सुरक्षा बलों के साझा अभियान में आतंकवादियों के गुप्त ठिकाने का बड़ा पर्दाफाश

जम्मू-कश्मीर के सुदूर पहाड़ी और दुर्गम जंगली इलाकों में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे निर्णायक और आक्रामक अभियानों के बीच भारतीय सुरक्षा बलों को एक बहुत बड़ी और अहम कामयाबी हाथ लगी है। देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति को पूरी तरह से तहस-नहस करने की साजिश रच रहे आतंकवादियों के एक गुप्त ठिकाने का सुरक्षा बलों ने न केवल पता लगा लिया, बल्कि उसे पूरी तरह से ध्वस्त भी कर दिया है। इस सीक्रेट सेफ हाउस से भारी तादाद में अत्याधुनिक हथियार, विस्फोटक सामग्रियां, गोला-बारूद और युद्ध जैसे हालात में इस्तेमाल होने वाले अन्य खतरनाक साजो-सामान बरामद किए गए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि सीमा पार बैठे आतंकी आका घाटी में किसी बड़े और खूनी नरसंहार को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे हमारे बहादुर जवानों ने समय रहते अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस के बल पर पूरी तरह से नाकाम कर दिया है।

खुफिया इनपुट और आधुनिक सर्विलांस की मदद से ऐसे हुआ इस तहखानेनुमा ठिकाने का खुलासा

स्थानीय खुफिया एजेंसियों और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स (NIA/Intelligence) से मिले पुख्ता इनपुट्स के आधार पर भारतीय सेना की विशेष टुकड़ी, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) ने एक साझा और सुनियोजित घेराबंदी अभियान (Cordon and Search Operation) चलाया। यह ठिकाना किसी आम मकान या गुफा में नहीं, बल्कि घने जंगलों के बीच जमीन के अंदर बेहद चालाकी से बनाए गए एक गुप्त तहखाने (Underground Hideout) में छिपाया गया था। आतंकियों ने इस बात का पूरा ध्यान रखा था कि ऊपर से किसी को भी इसकी भनक न लग सके, लेकिन भारतीय सेना के अत्याधुनिक थर्मल ड्रोन, सैटेलाइट सर्विलांस और खोजी कुत्तों की मदद से इस खूफिया ठिकाने का पर्दाफाश हो गया। सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि देश की रक्षा के लिए हमारे जवान हर परिस्थिति में पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं।

ठिकाने से बरामद हुआ गोला-बारूद का जखीरा, एके-47 राइफलें और आईईडी बनाने का सामान

जब सुरक्षा बलों ने इस गुप्त ठिकाने के अंदर प्रवेश किया, तो वहां का नजारा देखकर उनके भी होश उड़ गए। इस तहखाने के भीतर हथियारों और बारूद का एक पूरा जखीरा डंप करके रखा गया था। बरामद किए गए सामानों में कई अत्याधुनिक एके-47 और एम-4 असल्ट राइफलें, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस, हथगोले (Grenades), रिमोट-कंट्रोल आईईडी (Improvised Explosive Devices), टिफिन बम, टाइमर और डेटोनेटर शामिल हैं। इसके अलावा आतंकवादियों के लिए खाने-पीने का सूखा राशन, दवाइयां, विंटर जैकेट्स और पाकिस्तानी मार्का वाले सामान भी बड़े पैमाने पर मिले हैं। इन तमाम हथियारों और विस्फोटकों का केवल एक ही मकसद था—सुरक्षा बलों को निशाना बनाना और आम नागरिकों के बीच दहशत फैलाकर घाटी की शांति को भंग करना।

सर्दियों के मौसम में बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की थी खतरनाक योजना

खुफिया सूत्रों और सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवादी आने वाले सर्दियों के मौसम या त्योहारों के दौरान किसी बड़े वीआईपी मूवमेंट या सुरक्षा बलों के कैंप पर फिदायीन या ग्रेनेड हमले की बड़ी साजिश रच रहे थे। इस गुप्त ठिकाने में हथियारों का यह स्टॉक इसी नापाक मकसद के तहत जमा किया जा रहा था ताकि दुर्गम बर्फबारी के दौरान जब रास्ते बंद हो जाएं, तब इन हथियारों का इस्तेमाल करके सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी जा सके। लेकिन भारतीय सेना की समय पर की गई इस कार्रवाई ने आतंकवादियों के पूरे विंटर प्लान (Winter Strategy) को पूरी तरह से मिट्टी में मिला दिया है। सेना की इस बड़ी सफलता से आतंकी संगठनों की रीढ़ की हड्डी टूट चुकी है और उनके स्थानीय कमांडर गहरे मानसिक तनाव में आ गए हैं।

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और भारतीय सेना का अटूट संकल्प

घाटी में सक्रिय राष्ट्रविरोधी तत्वों और सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना, वायुसेना और पुलिस का यह संयुक्त अभियान इस बात का स्पष्ट संदेश है कि देश की संप्रभुता के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे इन सर्च ऑपरेशंस की वजह से आतंकवादियों के लिए अब छिपने की कोई जगह नहीं बची है। स्थानीय जनता भी अब खुलकर आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का समर्थन कर रही है, जिससे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के मंसूबे हर मोर्चे पर नाकाम साबित हो रहे हैं। सेना के इस अदम्य पराक्रम और सतर्कता के कारण देशवासी अपने आप को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक आतंकवाद का पूरी तरह से सफाया नहीं हो जाता।