पैलेट गन विवाद पर बड़ा अपडेट: RAF जवानों पर नहीं होगी कार्रवाई, जानिए दिल्ली प्रदर्शन में क्या हुआ था
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलाने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में तैनात RAF जवानों पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अफसरों का कहना है कि पैलेट गन के इस्तेमाल से पहले तय प्रक्रिया यानी Standard Operating Procedure (SOP) का पालन किया गया था और यह कदम भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया था।
DCP के आदेश के बाद इस्तेमाल हुई पैलेट गन, प्रदर्शनकारियों को पहले दी गई थी चेतावनी
सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस के DCP रैंक के अधिकारी के निर्देश पर RAF ने कार्रवाई की। अफसरों का दावा है कि पैलेट गन चलाने से पहले प्रदर्शनकारियों को अनाउंसमेंट के जरिए चेतावनी दी गई थी। इसके बाद भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले भी इस्तेमाल किए गए, मगर जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने की कोशिश करते रहे तो हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।
RAF के पास मौजूद गैर-घातक हथियारों का हुआ इस्तेमाल
अफसरों के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान RAF ने 55 नॉन-इलेक्ट्रिकल शेल और 15 इलेक्ट्रिकल शेल भी दागे। इसके अलावा पांच आंसू गैस के गोले, कम घातक दंगा-रोधी बंदूक से दो राउंड और पैलेट गन से दो राउंड फायर किए गए। ये सभी हथियार RAF को दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं और इन्हें गैर-घातक हथियारों की श्रेणी में रखा जाता है।
संसद मार्ग थाने की डायरी में दर्ज हुई घटना
अफसरों ने बताया कि इस घटना की जानकारी संसद मार्ग थाने की सामान्य डायरी में 22 जुलाई को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर दर्ज की गई थी। यह एंट्री RAF के एक उप कमांडेंट की सूचना के आधार पर की गई थी। रिकॉर्ड के अनुसार, नीली वर्दी वाली RAF की टीम दिल्ली पुलिस के एक DCP स्तर के अधिकारी के साथ जंतर-मंतर इलाके के जोन-1 में तैनात थी।
दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन इस्तेमाल के आरोपों को बताया भ्रामक
पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पैलेट गन चलाने के आरोपों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। वहीं CRPF और RAF की ओर से इस मामले में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
यह भी साफ नहीं हो पाया है कि क्या RAF की अन्य टुकड़ियों ने दूसरे प्रदर्शन स्थलों पर भी पैलेट गन का इस्तेमाल किया था या नहीं।
क्या होती है पैलेट गन, कितना होता है इसका असर
अफसरों के मुताबिक, पैलेट गन के एक राउंड में प्लास्टिक के चार छर्रे होते हैं। ये धातु के छर्रों से अलग होते हैं, जो शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्लास्टिक पैलेट का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना होता है और इन्हें अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचाने वाला विकल्प माना जाता है।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विवाद बना हुआ है। विपक्ष इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रहा है और संसद में गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले पर जवाब देने की मांग कर रहा है।