चोरबागान पंडाल भगदड़: पीएम मोदी ने किया 2 लाख मुआवजे का ऐलान, अमित शाह के बंगाल दौरे रद्द; हेल्पलाइन जारी
उत्तरी कोलकाता के गिरीश पार्क थाना क्षेत्र स्थित शारदा पार्क (चोरबागान सर्वजनिन) दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम हुई भीषण भगदड़ पर केंद्र सरकार ने गहरा दुख जताते हुए त्वरित वित्तीय सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन पीड़ितों को हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम करीब 7:40 बजे तेज बारिश के दौरान चोरबागान पंडाल के निकास द्वार के पास अचानक भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके बाद बेकाबू भगदड़ में कम से कम 17 लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल लगभग 35 लोगों को तुरंत कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने देर रात अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार की निगरानी की और पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
इस दर्दनाक हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं जताईं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से फोन पर हालात की जानकारी ली। गृह मंत्री ने बंगाल में रविवार को होने वाले अपने सभी पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं और वे घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचेंगे। पंडाल को तत्काल प्रभाव से आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पंडाल में प्रवेश और निकास के रास्ते बेहद संकरे थे और इलाके में पर्याप्त रोशनी का अभाव था, जिसके चलते बारिश से बचने की आपाधापी में लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए और दम घुटने से कई श्रद्धालु बेहोश हो गए। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार और कोलकाता पुलिस ने लालबाजार कंट्रोल रूम से दो आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1800-345-5678 और 033-22141310 जारी किए हैं, ताकि पीड़ित परिजन अपने रिश्तेदारों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकें। पुलिस और फोरेंसिक टीमें इस पूरे मामले की गहन तकनीकी जांच में जुटी हुई हैं।