कोलकाता चोरबागान पंडाल भगदड़ में पुलिस का बड़ा एक्शन: पूजा कमेटी के सचिव-उपाध्यक्ष समेत 7 गिरफ्तार
उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात मची भीषण भगदड़ के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए रविवार को पूजा समिति के आयोजकों और सुरक्षाकर्मियों सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस दर्दनाक हादसे में 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कोलकाता पुलिस की स्थानीय गिरीश पार्क थाना इकाई ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के आधार पर यह पहली कार्रवाई है और आगे कई अन्य जिम्मेदार लोगों की भी गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।
जांच अधिकारियों द्वारा जारी विवरण के अनुसार, गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों में चोरबागान पूजा समिति के 48 वर्षीय सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा और 55 वर्षीय उपाध्यक्ष शांतनु दुबे शामिल हैं, जिन पर कार्यक्रम के दौरान बुनियादी सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप है। इनके अलावा पंडाल की बांस की रूपरेखा तैयार करने में शामिल 48 वर्षीय बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय को भी दबोचा गया है। वहीं पंडाल के प्रवेश और निकास द्वारों पर क्राउड मैनेजमेंट और वीआईपी पास चेकिंग की निगरानी संभाल रहे कौशिक साहा (53) व पिंटू डे (51) के साथ-साथ निजी सुरक्षा एजेंसी के दो गार्ड्स सुमन चक्रवर्ती (30) और राजेश पाल (29) को भी सुरक्षा में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में अरेस्ट किया गया है।
पुलिस ने शनिवार देर रात चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान कुल 14 संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जिनमें से गहन पूछताछ के बाद सात लोगों की औपचारिक गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में पुष्टि की कि बाकी संदिग्धों से भी लगातार पूछताछ जारी है ताकि भगदड़ के मुख्य कारणों, तकनीकी चूकों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जा सके। इस बीच, अस्पताल में रखे गए मृतकों के शवों की शिनाख्त और कानूनी पोस्टमार्टम की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है, जबकि पुलिस की विशेष टीम पंडाल के संकरे निकास मार्गों, वीआईपी गेट पर मची आपाधापी और सुरक्षा व्यवस्था के संपूर्ण घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।