ओडिशा में चक्रवात अर्नब का दिखा कहर, 6 लोगों को हेलिकॉप्टर से किया गया रेस्क्यू

ओडिशा में चक्रवात अर्नब का दिखा कहर, 6 लोगों को हेलिकॉप्टर से किया गया रेस्क्यू

बंगाल की खाड़ी से उठे भयावह और विनाशकारी चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) ने ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाते हुए जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सौ किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं और मूसलाधार बारिश ने तटीय जिलों में तबाही का ऐसा मंजर पैदा किया है जिससे चारों तरफ तबाही और जलप्रलय का माहौल बन गया है। इस कुदरती आफत के बीच सबसे सांसें थमा देने वाली खबर ओडिशा के बुरी तरह प्रभावित जिले से सामने आई है, जहां समुद्र की उफनती लहरों और भीषण बाढ़ के पानी के बीच फंसे 6 बेकसूर लोगों को भारतीय वायुसेना (IAF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जांबाज जवानों ने बेहद जोखिम भरे लाइफ रेस्क्यू ऑपरेशन में हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला है। चक्रवात अर्नब के अचानक खतरनाक रूप धारण कर तट से टकराने (Landfall) के बाद ओडिशा सरकार ने तटीय जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है और युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं ताकि इस भीषण आपदा से जनधन की हानि को न्यूनतम रखा जा सके।

समुद्र के बीच उफनती लहरों और बाढ़ का खौफनाक मंजर: कैसे फंसे ये 6 लोग?

चक्रवात अर्नब के लैंडफॉल के दौरान तटीय क्षेत्रों में समुद्र का पानी कई फीट ऊपर उठ गया और तटीय बस्तियों, गांवों तथा चक्रवात आश्रय स्थलों के आसपास के रास्तों को जलमग्न कर दिया। बताया जा रहा है कि पीड़ित नागरिक एक जर्जर इमारत और कट चुके टापू नुमा इलाके में फंस गए थे, जहां चारों तरफ से समुद्र का तूफानी पानी तेजी से भर रहा था। लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण नावों या जमीनी गाड़ियों के जरिए वहां तक पहुंचना पूरी तरह से असंभव हो चुका था। पानी का स्तर जैसे-जैसे बढ़ रहा था, वैसे-वैसे वहां फंसे लोगों की सांसें अटकी हुई थीं और वे मदद के लिए गुहार लगा रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (OSDMA) और वायुसेना से संपर्क साधा, जिसके बाद इमरजेंसी रेस्क्यू का फैसला लिया गया।

भारतीय वायुसेना का हैरतअंगेज ऑपरेशन: हवा में लहराते हेलिकॉप्टर से ऐसे बचीं जिंदगियां

सूचना मिलते ही भारतीय वायुसेना के रेस्क्यू हेलिकॉप्टर ने उफनते बादलों, तेज हवाओं और कम दृश्यता (Low Visibility) के बावजूद मौके के लिए उड़ान भरी। हवा की खतरनाक रफ्तार के बीच पायलटों ने असीम साहस का परिचय देते हुए हेलिकॉप्टर को बाढ़ प्रभावित इमारत के ठीक ऊपर स्थिर किया। इसके बाद गरुड़ कमांडो और वायुसेना के जांबाज जवानों ने केबल और रस्सियों के सहारे नीचे उतरकर एक-एक कर सभी 6 लोगों को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया। इस हैरतअंगेज और रोंगटे खड़े कर देने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, पूरी दुनिया भारतीय वायुसेना और आपदा प्रबंधन टीमों की बहादुरी की दाद देने लगी। सुरक्षित निकाले गए लोगों को तुरंत नजदीकी सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।

तटीय जिलों में बिजली-संचार ठप, उखड़े सैकड़ों पेड़ और बह गए मकान

चक्रवात अर्नब के कारण ओडिशा के केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, भद्रक, बालेश्वर और पुरी जैसे तटीय जिलों में भयंकर नुकसान हुआ है। हवा के प्रचंड थपेड़ों के कारण सैकड़ों विशालकाय पेड़, बिजली के खंभे और मोबाइल टावर जड़ से उखड़ गए हैं, जिससे कई इलाकों में पूरी तरह से ब्लैकआउट हो गया है और संचार व्यवस्था ठप पड़ गई है। कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं और तटीय इलाकों की सैकड़ों झोपड़ियां ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर निचले इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को पहले ही सुरक्षित चक्रवात शेल्टरों (Cyclone Shelters) में शिफ्ट कर दिया था, जिससे एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया। हालांकि, खड़ी फसलों और बुनियादी ढांचे को पहुंचे भारी नुकसान ने किसानों और स्थानीय प्रशासन की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं।

मुख्यमंत्री का हाई-लेवल रिव्यू और ग्राउंड Zero पर NDRF-SDRF की दर्जनों टीमें तैनात

चक्रवाती तूफान अर्नब से पैदा हुए हालात पर ओडिशा के मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन मंत्री खुद पल-पल की नजर बनाए हुए हैं। राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष से उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक तूफान का खतरा पूरी तरह टल नहीं जाता, तब तक राहत और बचाव टीमें 24 घंटे ग्राउंड ज़ीरो पर मुस्तैद रहें। वर्तमान में प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और ओडिशा पुलिस की दर्जनों टीमें रास्तों पर गिरे पेड़ों को हटाने, सड़कों को साफ करने और दूरदराज के गांवों तक राशन व पीने का साफ पानी पहुंचाने में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की कड़ी हिदायत दी है और प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगा दिए गए हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी: चक्रवात अर्नब के चलते अभी और मंडरा रहा भारी बारिश का खतरा

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, हालांकि चक्रवात अर्नब का केंद्र अब धीरे-धीरे तटीय सीमा को पार कर कमजोर हो रहा है, लेकिन इसके असर से अगले 24 से 48 घंटों तक ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्थानीय लोगों से अपने घरों के भीतर रहने और प्रशासनिक दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। चक्रवात अर्नब का यह खौफनाक रूप एक बार फिर याद दिलाता है कि बंगाल की खाड़ी में जलवायु परिवर्तन के कारण किस तरह चक्रवाती तूफानों की तीव्रता और बारंबारता बढ़ती जा रही है, जिससे निपटने के लिए मुस्तैद राहत कार्य ही इंसान की सबसे बड़ी ढाल बनते हैं।