अगले 4 दिनों में हिल जाएगी दिल्ली! E20 पॉलिसी के खिलाफ होने जा रहे हैं 3 सबसे बड़े राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन

अगले 4 दिनों में हिल जाएगी दिल्ली! E20 पॉलिसी के खिलाफ होने जा रहे हैं 3 सबसे बड़े राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन

देशभर में इन दिनों 20 प्रतिशत इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल यानी 'E20 फ्यूल' को लेकर विवाद और असंतोष लगातार गहराता जा रहा है। अनिवार्य E20 पेट्रोल पॉलिसी के विरोध में उठ रही आवाजें अब एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप धारण कर चुकी हैं।

गाड़ी मालिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक दलों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों का आरोप है कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है और मैकेनिकल व इंजन से जुड़ी गंभीर खराबी सामने आ रही हैं। इस असंतोष के बीच, दिल्ली में अगले 4 दिनों (31 जुलाई से 4 अगस्त) के भीतर तीन बड़े राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन होने जा रहे हैं।

31 जुलाई को तहसीन पूनावाला का 'गाड़ी मार्च, गांधी मार्च'

आंदोलन की शुरुआत 31 जुलाई को राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला और नागरिक समूह 'टीम भारत' के नेतृत्व में होने वाली बड़ी शांतिपूर्ण रैली से होगी। यह 'गाड़ी मार्च, गांधी मार्च' इंडिया गेट से शुरू होकर संसद मार्ग की ओर बढ़ेगा, जो केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हरदीप सिंह पुरी के आधिकारिक आवासों व दफ्तरों के पास से होकर गुजरेगा।

'टीम भारत' की प्रमुख मांग है कि इथेनॉल-मुक्त शुद्ध पेट्रोल की कीमतें कम की जाएं, E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को 20% की सीधी छूट मिले और जो पुरानी गाड़ियां E20-कम्प्लायंट नहीं हैं, उनके लिए ठोस समाधान निकाला जाए। इसके साथ ही इस नीति से जुड़े हितों के टकराव (Conflict of Interest) के आरोपों पर भी सरकार से जवाब मांगा जा रहा है।

1 अगस्त को अरविंद केजरीवाल का 'नेशनल टाउनहॉल'

E20 फ्यूल नीति के खिलाफ राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 1 अगस्त को राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक 'नेशनल टाउनहॉल' आयोजित करने का ऐलान किया है। इस टाउनहॉल में विशेषज्ञों, प्रभावित वाहन मालिकों और आम जनता के साथ नीति के दुष्प्रभावों पर गहन चर्चा की जाएगी।

4 अगस्त को दिल्ली ट्रांसपोर्ट सेक्टर का संसद मार्च

ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर E20 फ्यूल की मार का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन समेत कई बड़े संगठनों ने 4 अगस्त को संसद तक विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट के अनुसार, देश भर के वाहन चालक शिकायत कर रहे हैं कि E20 पेट्रोल से फ्यूल एफिशिएंसी (ईंधन दक्षता) घटी है और मेंटेनेंस (रखरखाव) का खर्च काफी बढ़ गया है। उन्होंने चिंता जताई कि साल 2015 से पहले बनी अधिकांश गाड़ियां 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के अनुकूल डिज़ाइन ही नहीं की गई हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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