धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान: 'मैं एसी रूम वाला कार्यकर्ता नहीं, बल्कि जमीन पर लड़ने वाला स्ट्रीट फाइटर हूं'
NEET (UG) परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को अपनी राजनीतिक पहचान को लेकर खुलकर बात की है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस सांसद जयराम रमेश से अनौपचारिक बातचीत में प्रधान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह 'एसी रूम एक्टिविस्ट' नहीं हैं, बल्कि एक 'स्ट्रीट फाइटर' हैं जो जमीन पर संघर्ष करना जानते हैं।
संसद के गलियारों में पुरानी यादें और जयराम रमेश से चर्चा
संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह के दौरान संसद के गलियारों में धर्मेंद्र प्रधान और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के बीच दिलचस्प बातचीत देखने को मिली। दोनों नेताओं ने अपने पुराने संबंधों और राजनीतिक सफर को याद किया। इस बातचीत के दौरान प्रधान ने जयराम रमेश द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उनके शासनकाल की गई प्रशंसा का भी जिक्र किया। बातचीत के दौरान जब रमेश ने सहजता से कहा कि "ऐसा होता रहता है," तो इसके जवाब में संबलपुर से लोकसभा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने खुद को जमीन से जुड़ा नेता बताते हुए अपने तेवर स्पष्ट किए।
इस्तीफे के बाद पहली प्रतिक्रिया और NEET पेपर लीक पर बयान
पद छोड़ने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने कभी भी कठिन परिस्थितियों से मुंह नहीं मोड़ा है। NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले पर बोलते हुए उन्होंने दोहराया कि सरकार ने बिना समय गंवाए तुरंत मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी और बाद में पुनर्परीक्षा भी सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वह किसी भी मेधावी छात्र की प्रतिभा को 'परीक्षा माफिया' के हाथों बर्बाद नहीं होने देंगे। उन्होंने देशहित और छात्रों के भविष्य को सर्वोपरि बताते हुए अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंपने की बात कही थी।