चुनाव आयोग के खिलाफ हुंकार: CJP के मंच से ध्रुव राठी ने दागे 3 तीखे सवाल, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर बवाल
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। दिल्ली में जहां विपक्षी दल सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं दक्षिण भारत के आईटी हब बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन ने बड़ा सियासी रूप ले लिया है। इस रैली में जाने-माने यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल हुए, जिन्होंने मंच से भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही पर सीधे सवाल खड़े करते हुए गंभीर आरोप लगाए।
रैली को संबोधित करते हुए ध्रुव राठी ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी सत्ता को बदलना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने भाजपा समर्थकों से सीधे मुखातिब होते हुए कहा कि मतदान हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। उन्होंने कहा कि जो लोग वोट चोरी के दावों से असहमत हैं, वे भी इस जमीनी हकीकत को समझें। राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सामने तीन तीखे सवाल रखे और उनसे सार्वजनिक जवाब मांगा।
ध्रुव राठी का पहला सवाल पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर था कि मतदान से ठीक पहले करीब 70 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से अचानक कैसे हटा दिए गए और चुनाव खत्म होते ही उन्हें दोबारा सूची में क्यों जोड़ दिया गया?
उनका दूसरा सवाल बिहार से जुड़ा था, जहां 40 लाख से अधिक नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए और चुनाव आयोग तब तक पूरी तरह खामोश रहा जब तक कि सुप्रीम कोर्ट ने इन नामों को सार्वजनिक करने का कड़ा निर्देश नहीं दे दिया। वहीं अपने तीसरे सवाल में उन्होंने उत्तर प्रदेश में अचानक 14 लाख से ज्यादा नए नाम जोड़े जाने पर स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि ये लोग कौन हैं, जबकि गोवा में खुद चुनाव पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) की मांग के बावजूद आयोग ने नए नाम जोड़ने की इजाजत नहीं दी। इन सवालों के बाद बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक चुनाव सुधारों और आयोग की निष्पक्षता को लेकर बहस तेज हो गई है।