'दम है तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं योगी!' रामनगरी से अखिलेश यादव का सीधा खुला चैलेंज
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार, 8 अक्टूबर को रामनगरी अयोध्या की धरती से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधी राजनीतिक चुनौती दे डाली है। अयोध्या विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव ने मंच से तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपने विकास कार्यों और दावों को लेकर इतने ही आश्वस्त हैं, तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में खुद अयोध्या सीट से मैदान में उतरकर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि जब से समाजवादी पार्टी ने अयोध्या से पवन पांडेय को उम्मीदवार घोषित किया है, तब से भारतीय जनता पार्टी लगातार आंतरिक सर्वे करा रही है और हर सर्वे में बीजेपी बुरी तरह पिछड़ रही है। हालात यह हैं कि बीजेपी को यहां चुनाव लड़ाने के लिए कोई मजबूत चेहरा तक नहीं मिल पा रहा है।
सपा प्रमुख ने सत्तापक्ष पर हमला जारी रखते हुए कहा कि जो लोग हर बात पर दूध का दूध और पानी का पानी करने की शेखी बघारते हैं, इस बार जनता उनका सारा पानी उतार देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की जनता इस बार जनता की गाढ़ी कमाई और धन की हेराफेरी करने वालों को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है। उल्लेखनीय है कि अयोध्या विधानसभा सीट के लिए अखिलेश यादव ने करीब दो महीने पहले ही पूर्व मंत्री पवन पांडेय को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया था, जिसके बाद से ही इस सीट पर सियासी सरगर्मी चरम पर है।
धार्मिक मंच से बोलते हुए अखिलेश यादव ने आस्था और समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मभूमि है, जहां सभी भक्त मिलकर जय राधे-श्याम का उद्घोष कर रहे हैं और यही भारतीय संस्कृति की असली खूबसूरती है। उन्होंने कहा कि उनके लिए भगवान राम और भगवान कृष्ण में कोई भेद नहीं है। भागवत कथा मन को शांत करती है और मनोबल बढ़ाती है। कथा से मिलने वाली सीख आज सत्ता की जांच एजेंसियों और हुक्मरानों को लेनी चाहिए, क्योंकि प्रेम, करुणा और अपनापन ही सबसे बड़ा धर्म है।
चुनावी वादों की झड़ी लगाते हुए सपा मुखिया ने ऐलान किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अयोध्या के विकास को बिना किसी भेदभाव के नई रफ्तार दी जाएगी। उन्होंने स्थानीय जनता के हितों की वकालत करते हुए कहा कि सपा सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि अयोध्या के कायाकल्प और विकास योजनाओं का असली लाभ यहां के मूल निवासियों और स्थानीय व्यापारियों को मिले, न कि बाहरी पूंजीपतियों को। इसके साथ ही उन्होंने आधी आबादी को साधते हुए बड़ा चुनावी दांव चला और कहा कि जिस तरह पहले समाजवादी पेंशन योजना चलाई गई थी, उसी तर्ज पर नई सरकार बनने पर महिलाओं को प्रति वर्ष 40,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और अयोध्या के गौरव को वैश्विक पटल पर स्थापित किया जाएगा।