अस्‍पताल इमरजेंसी वार्ड में घुसे, नाक-सिर फोड़ा… यूनिवर्सिटी चुनाव जीत के बाद बवाल

अस्‍पताल इमरजेंसी वार्ड में घुसे, नाक-सिर फोड़ा… यूनिवर्सिटी चुनाव जीत के बाद बवाल

विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के नतीजे घोषित होते ही जीत के जश्न की आड़ में उपद्रवियों और हुड़दंगियों ने कानून-व्यवस्था और इंसानियत की धज्जियां उड़ा कर रख दीं। चुनावी नतीजों में मिली जीत के तुरंत बाद दो गुटों के बीच शुरू हुआ खूनी संघर्ष इस कदर बेकाबू हो गया कि देखते ही देखते हिंसा की आग विश्वविद्यालय परिसर से निकलकर शहर के प्रमुख सरकारी अस्पताल तक जा पहुंची। सिरफिरे उपद्रवियों की हिंसक भीड़ अचानक अस्पताल के आपातकालीन विभाग (इमरजेंसी वार्ड) में लाठी-डंडे, लोहे की रोड और धारदार हथियार लेकर घुसी और वहां इलाज कर रहे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस बर्बर हमले में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और कई स्वास्थ्य कर्मचारियों का नाक और सिर फूट गया है, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इलाज के मंदिर में हुई इस भयावह गुंडागर्दी के बाद से ही शहर भर के चिकित्सा तंत्र में आक्रोश की भीषण लहर दौड़ गई है, जबकि पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।

यूनिवर्सिटी चुनाव नतीजों के बाद जश्न की आड़ में हिंसक झड़प और खूनी तांडव की शुरुआत
छात्र संघ चुनाव के परिणाम जैसे ही देर शाम घोषित हुए, विजयी गुट के समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान दूसरे पराजित गुट के समर्थकों से तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने मिनटों के भीतर एक भीषण खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों तरफ से पत्थरबाजी, लाठी-डंडे और धारदार हथियारों का बेधड़क इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से जख्मी होकर सड़क पर गिर पड़े। जब घायल छात्रों को उनके साथी और स्थानीय पुलिस इलाज के लिए पास के सबसे बड़े अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंची, तो पीछा करता हुआ दूसरा उग्र गुट भी दर्जनों की संख्या में गाड़ियों में भरकर वहां पहुंच गया। अस्पताल की सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह से धता बताते हुए उपद्रवी सीधे उस वार्ड में दाखिल हो गए जहां गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा था।

अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में खौफनाक मंजर: डॉक्टरों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, चिकित्सा उपकरण तोड़े
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घुसे उपद्रवियों ने बिना कुछ सोचे-समझे तांडव मचाना शुरू कर दिया। जब ऑन-ड्यूटी रेजिडेंट डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें मरीजों की जान का हवाला देते हुए बाहर जाने और हंगामा न करने का अनुरोध किया, तो सिरफिरे हुड़दंगियों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने डॉक्टरों पर सीधा हमला बोलते हुए लोहे की रॉड और कुर्सियों से वार करना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए जानलेवा हमले में दो डॉक्टरों की नाक की हड्डी टूट गई और कई कर्मचारियों का सिर फट गया, जिससे इमरजेंसी वार्ड की फर्श खून से लाल हो गई। उपद्रवियों ने वहां रखी महंगी वेंटिलेटर मशीनें, ईसीजी मॉनिटर, दवाइयों की ट्रॉलियां और कांच की खिड़कियों को चकनाचूर कर दिया। वार्ड में भर्ती गंभीर मरीज और उनके परिजन अपनी जान बचाने के लिए बेड के नीचे छिपने और इधर-उधर भागने पर मजबूर हो गए।

चिकित्साकर्मियों का फूटा गुस्सा: सेवाओं को ठप कर हड़ताल का ऐलान, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हुए इस जानलेवा हमले की खबर जैसे ही फैली, पूरे शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इस अमानवीय घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए तत्काल प्रभाव से अस्पताल की सभी गैर-आपातकालीन और ओपीडी सेवाओं को बंद कर दिया है। डॉक्टरों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक अस्पताल परिसर के अंदर डॉक्टरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते और हमलावर उपद्रवियों के खिलाफ रासुका (NSA) व गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक कोई भी चिकित्सक काम पर वापस नहीं लौटेगा। चिकित्सा सेवाओं के ठप होने से दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस-प्रशासन का भारी बल तैनात: सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर दंगाइयों की धरपकड़ शुरू
अस्पताल में हुए इस बड़े बवाल के बाद शहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और कई थानों की पुलिस फोर्स ने भारी संख्या में मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। पूरे अस्पताल परिसर और यूनिवर्सिटी कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस कमिश्नर ने मीडिया को दिए अपने आधिकारिक बयान में बताया कि इस कायराना और हिंसक कृत्य में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब तक आधा दर्जन से ज्यादा हुड़दंगियों को हिरासत में लिया जा चुका है और बाकी उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।

यूनिवर्सिटी कैंपस और अस्पताल के आसपास धारा 144 लागू, तनाव का माहौल बरकरार
घटना की गंभीरता और शहर के बिगड़ते माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय परिसर, छात्रावासों और अस्पताल के 500 मीटर के दायरे में त्वरित प्रभाव से धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है। किसी भी स्थान पर चार से अधिक लोगों के एक साथ एकत्र होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। छात्र संघ चुनाव के बाद उपजे इस खूनी संघर्ष ने शहर की शांति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कैसे चुनावी जश्न की आड़ में हथियारबंद लोग अस्पताल जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र में घुसकर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे गए। फिलहाल, अस्पताल में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) की टुकड़ियां तैनात हैं और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है।