समुद्र में उठीं डरावनी लहरें, आसमान से बरसेगा कहर! जानिए कब और कहां टकराएगा भयानक तूफान 'मुरसु'

समुद्र में उठीं डरावनी लहरें, आसमान से बरसेगा कहर! जानिए कब और कहां टकराएगा भयानक तूफान 'मुरसु'

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव ने विकराल रूप लेते हुए चक्रवाती तूफान का रूप धारण कर लिया है, जिसे 'मुरसु' नाम दिया गया है। मौजूदा उत्तर-पूर्वी मानसून सीजन के इस दूसरे चक्रवात के खतरे को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु के चेन्नई और तिरुवल्लूर जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। चक्रवात की गंभीरता को भांपते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने हाई अलर्ट जारी करते हुए तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और नागरिकों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।

मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर केंद्रित यह चक्रवाती सिस्टम फिलहाल चेन्नई से लगभग 560 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से करीब 660 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। 

तमिलनाडु आपदा जोखिम न्यूनीकरण एजेंसी (TNDRRA) के आयुक्त चंद्र मोहन ने बताया कि चक्रवात की दिशा और तीव्रता पर रडार व सैटेलाइट के जरिए लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। शुरुआती ट्रैकिंग के अनुसार, इसके दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के प्रबल आसार हैं, जिसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक उत्तरी तमिलनाडु के तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ तूफानी हवाएं चलने और समुद्र में खतरनाक ऊंची लहरें उठने की आशंका है।

हालात की नजाकत को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से समुद्र तटों और कोस्टल रोड्स से पूरी तरह दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। लोगों को भारी जलभराव वाले क्षेत्रों और रेलवे या सड़क अंडरपास में न जाने की सलाह दी गई है। आपातकालीन तैयारियों के तहत नागरिकों से घरों में पर्याप्त पीने का पानी, जरूरी दवाएं, टॉर्च, पावर बैंक और मोबाइल चार्ज रखने का आग्रह किया गया है। साथ ही तेज हवाओं से होने वाले नुकसान से बचने के लिए छतों व बालकनी में रखी ढीली वस्तुओं को हटाने और जल निकासी के लिए घरों के आसपास की नालियों को साफ रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आईएमडी, टीएनडीआरआरए तथा जिला प्रशासन के आधिकारिक बुलेटिन पर ही भरोसा करने की अपील की है। किसी भी अप्रिय घटना या मदद के लिए राज्य आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1070 और जिला आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1077 को चौबीसों घंटे सक्रिय कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन टीमों को निचले इलाकों में तैनात रहने का आदेश दिया गया है ताकि जलभराव या आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।