EVM से लेकर वोटर लिस्ट तक, INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग के सामने रखीं 6 बड़ी मांगें
देश की चुनावी व्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूची से जुड़े स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) विवाद को लेकर विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोल दिया है।
बुधवार को विपक्षी दलों की एक उच्चस्तरीय और बेहद अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया श्रीनेत समेत गठबंधन के तमाम शीर्ष नेता एक मंच पर एकजुट नजर आए।
बैठक में गठबंधन के सभी घटक दलों ने एक सुर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग बुलंद करते हुए 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन छेड़ने का औपचारिक ऐलान कर दिया।
चुनाव आयोग के सामने INDIA गठबंधन की 6 बड़ी शर्तें
विपक्षी दलों ने निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक संस्थाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग के समक्ष अपनी 6 प्रमुख मांगें आधिकारिक तौर पर रखी हैं:
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बैलेट पेपर से मतदान: आगामी सभी चुनावों में EVM मशीनों के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाई जाए और मतपत्रों (बैलेट पेपर) के जरिए निष्पक्ष मतदान कराया जाए।
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SIR से पहले की मतदाता सूची लागू हो: भविष्य के सभी चुनावों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से पहले की मूल मतदाता सूची को ही आधार माना जाए।
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फर्स्ट टाइम वोटर्स के लिए सुगम प्रक्रिया: पहली बार वोट डालने जा रहे युवा मतदाताओं के पंजीकरण और मतदान प्रक्रिया को बेहद सरल और बाधामुक्त बनाया जाए।
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मतदाता का नाम काटने से पहले नोटिस और अपील: किसी भी नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से हटाने से पहले उसे अनिवार्य लिखित सूचना दी जाए, नाम हटाने का कारण बताया जाए और उसे अपील करने का पूरा अवसर मिले।
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पारदर्शी मतदाता सूची विवरण: हर मतदाता सूची में विधानसभा क्षेत्र और बूथ स्तर की बारीक जानकारियां स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।
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चुनाव आयोग की जवाबदेही और सर्वदलीय संवाद: चुनाव आयोग इस समूचे मामले में अपनी पूरी संस्थागत जवाबदेही तय करे और सभी राजनीतिक दलों को औपचारिक विश्वास में लेकर काम करे।
2 से 8 अक्टूबर तक 'लोकतंत्र बचाओ अभियान', 6 अक्टूबर को EC तक मार्च
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि 'हम सभी घटक दल इस लड़ाई में पूरी तरह एक साथ खड़े हैं।' खरगे ने आगे की रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि गठबंधन के सभी दल मिलकर 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक एक सप्ताह का सघन 'लोकतंत्र बचाओ अभियान' चलाएंगे। इस अभियान के तहत देशभर में जिला स्तर पर विपक्षी पार्टियां संयुक्त रूप से डीएम (जिलाधिकारी) कार्यालयों तक जोरदार विरोध मार्च निकालेंगी और धरना-प्रदर्शन करेंगी। इसी क्रम में 6 अक्टूबर को विपक्ष के सभी सांसद दिल्ली में संसद से सीधे निर्वाचन आयोग (ECI) मुख्यालय की ओर पैदल मार्च करेंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहराएंगे।