वो मेरे छोटे भाई जैसे हैं; दतिया उपचुनाव के नतीजों के बाद जानिए नरोत्तम मिश्रा ने ऐसा क्या कह दिया कि थम गई सारी चर्चाएं

वो मेरे छोटे भाई जैसे हैं; दतिया उपचुनाव के नतीजों के बाद जानिए नरोत्तम मिश्रा ने ऐसा क्या कह दिया कि थम गई सारी चर्चाएं

मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में इन दिनों दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों के बाद सुगबुगाहट तेज थी लेकिन राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इन तमाम अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है।

बुधवार के दिन सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें जोरों पर थीं कि चुनाव में हार के बाद भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी और नरोत्तम मिश्रा के बीच गंभीर मतभेद पैदा हो गए हैं। इन तमाम चर्चाओं को खारिज करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता मिश्रा ने साफ कर दिया है कि उनके और तिवारी के बीच किसी भी तरह की नाराजगी की बातें पूरी तरह झूठी, भ्रामक और निराधार हैं।

आशुतोष तिवारी मेरे छोटे भाई जैसे हैं: नरोत्तम मिश्रा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट किया कि आशुतोष तिवारी उनके लिए किसी सहयोगी से बढ़कर हैं और वे उन्हें अपने छोटे भाई की तरह मानते हैं।

उन्होंने कहा कि उनके और तिवारी के रिश्तों में कभी कोई खटास नहीं आई और आज भी उनका रिश्ता उतना ही आत्मीय और मजबूत है जितना पहले हुआ करता था। वे जब भी मिले हैं, उनके बीच का अपनापन और स्नेह हमेशा बरकरार रहा है। मिश्रा ने तिवारी की तारीफ करते हुए उन्हें एक बेहद मेहनती और समर्पित कार्यकर्ता बताया जिन्हें वे साल दो हजार तीन के डबरा चुनाव के समय से बहुत करीब से जानते हैं।

हार के बाद भी आशुतोष तिवारी का बड़प्पन और अनुशासन

नरोत्तम मिश्रा ने इस बात पर भी खास जोर दिया कि उपचुनाव के नतीजे आने के बाद आशुतोष तिवारी ने सार्वजनिक तौर पर किसी पर भी हार का ठीकरा नहीं फोड़ा और न ही किसी के खिलाफ कोई बयानबाजी की। उनका यह संयम पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है। मिश्रा ने भरोसा जताया कि तिवारी आने वाले समय में पार्टी संगठन और क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे क्योंकि वे संगठन के नियमों और अनुशासन को भली-भांति समझते हैं।

समर्थकों से एकता बनाए रखने की अपील और रिश्तों की गहराई

राजनीतिक मैदान में उथल-पुथल को आम बताते हुए पूर्व गृह मंत्री ने अपने सभी समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से कड़ी अनुशासन की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी को भी ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए जिससे पार्टी संगठन या आशुतोष तिवारी की छवि को कोई ठेस पहुंचे क्योंकि हमारी असली ताकत हमारी एकजुटता में है। पिछले पच्चीस सालों से दोनों परिवारों के बीच अटूट रिश्ते रहे हैं और राजनीति में हार-जीत तो चलती रहती है लेकिन आपसी मूल्य और पारिवारिक संबंध हमेशा स्थायी रहते हैं।

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