तकिए से दम घोंटा और बड़े बेटे को दिया जहर; नौसेना के जवान ने पत्नी और दो मासूमों को दी दर्दनाक मौत

तकिए से दम घोंटा और बड़े बेटे को दिया जहर; नौसेना के जवान ने पत्नी और दो मासूमों को दी दर्दनाक मौत

मुंबई के कोलाबा स्थित संवेदनशील नेवी नगर इलाके में नौसेना के एक जवान द्वारा अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की हत्या करने के बाद खुदकुशी करने के मामले में एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं।

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी नौसैनिक पूरनमल मेहरा ने बेहद शातिर तरीके से अपने ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग तरीकों से मौत के घाट उतारा। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस इस मामले में अब हत्या का औपचारिक केस दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट: तकिए से दम घोंटा और बड़े बेटे को दिया जहर

पुलिस और मेडिकल टीम द्वारा की गई शुरुआती जांच के मुताबिक आरोपी पूरनमल मेहरा ने मास्टर बेडरूम में अपनी 28 वर्षीय पत्नी ओमा और अपने दो महीने के छोटे बेटे दर्श का तकिए से मुंह दबाकर निर्ममता से दम घोंटा था। वहीं, उसके तीन साल के बड़े बेटे यश की मौत खाने के जरिए जहर दिए जाने के कारण होने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में पत्नी और दोनों बच्चों की मौत की वजह गला घोंटना और जहर होना स्पष्ट हुआ है, जिसके बाद पुलिस अब कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

केमिकल एनालिसिस और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार

इस पूरे खौफनाक हत्याकांड की तह तक जाने के लिए पुलिस अब फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट्स का इंतजार कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह पता लगाने के लिए केमिकल एनालिसिस और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट बेहद अहम होगी कि आखिर बड़े बेटे को किस प्रकार का जहर दिया गया था। इसके साथ ही पुलिस जवान के मोबाइल फोन के डिलीट किए गए डेटा और फॉर्मेट किए गए इतिहास को रिकवर करने की तकनीकी जांच भी करवा रही है ताकि हत्या के पीछे छिपे असली कारणों और साजिश का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सके।

पिता को भेजा था अंतिम संदेश: "आकर हमारे शव ले जाओ"

जांच के दौरान एक और अहम बात यह सामने आई है कि घटना से ठीक पहले 14 अगस्त की रात करीब 11 बजे आरोपी नौसैनिक पूरनमल मेहरा ने अपने पिता को व्हाट्सएप पर एक संदेश भेजा था जिसमें लिखा था, "आकर हमारे शव ले जाओ।" इस संदेश के अगले दिन ही घर से चारों के शव बरामद हुए थे। कफ परेड पुलिस इस मामले में अब तक परिवार के सदस्यों और करीबियों समेत आठ लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह, वैवाहिक तनाव और आर्थिक दबाव के संकेत मिले हैं, साथ ही यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी जवान का मानसिक इलाज भी चल रहा था।

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