Himachal News: कुदरत का तांडव! सिरमौर में सभी स्कूल-कॉलेज बंद, 7 जिलों में फ्लैश फ्लड का रेड अलर्ट

Himachal News: कुदरत का तांडव! सिरमौर में सभी स्कूल-कॉलेज बंद, 7 जिलों में फ्लैश फ्लड का रेड अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग द्वारा जारी 'ऑरेंज अलर्ट' और अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी के बीच सिरमौर जिले के नाहन उपमंडल में प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर बुधवार (29 जुलाई) को नाहन उपमंडल के सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और आंगनवाड़ी केंद्र पूरी तरह से बंद रहेंगे।

नाहन के एसडीएम राजीव संख्यान ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि केवल पूर्व निर्धारित परीक्षाएं ही अपने तय समय पर होंगी। यह निर्णय अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

चंबा में सुल्तानपुर नाला उफान पर, 25 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त और दर्जनों गाड़ियां मलबे में दबीं

दूसरी ओर, हिमाचल के चंबा जिले में मंगलवार से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। चंबा के सुल्तानपुर मोहल्ले में सुल्तानपुर नाला उफान पर आने से 25 से अधिक आवासीय मकानों और एक दुकान को भारी नुकसान पहुँचा है।

उदयपुर-गोलथी-नवोदय मार्ग पर भारियाद के पास हुए भीषण भूस्खलन के कारण ताडोली नाले से आए मलबे और भारी पत्थरों में कार, ट्रक और दोपहिया वाहनों समेत एक दर्जन से अधिक वाहन दब गए। इसके अलावा ताडोली नाले के तेज बहाव में एक गोदाम पूरी तरह से तबाह हो गया। राहत की बात यह रही कि इस आपदा में फिलहाल किसी जनहानि की खबर नहीं है।

7 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट, 178 सड़कें बंद और जल-बिजली आपूर्ति ठप

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी 24 घंटों के भीतर राज्य के सात प्रमुख जिलों—चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन—में मध्यम स्तर के अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की गंभीर चेतावनी दी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कुल 178 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से ठप हो गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा 58 सड़कें मंडी में और 42 सड़कें कुल्लू में बंद हैं।

शिमला में पानी का संकट गहराने के आसार, 62 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

बारिश और भूस्खलन से केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि जनजीवन की बुनियादी सुविधाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। प्रदेश भर में 107 जल आपूर्ति योजनाएं और 62 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (SJPNL) ने जानकारी दी है कि सतलुज जल आपूर्ति परियोजना में ट्रांसफार्मर की खराबी और नदी-नालों में अत्यधिक गाद (सिल्ट) आने के कारण राजधानी शिमला में अगले कुछ दिनों तक पेयजल आपूर्ति बाधित रहने की पूरी संभावना है।

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