खुद अपनी ही पार्टी को कितने पैसे देते हैं अरविंद केजरीवाल, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सत्ता से बाहर होते ही आम आदमी पार्टी (AAP) की तिजोरी पर बड़ा असर पड़ा है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को सौंपे गए ताजा वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में पार्टी को मिलने वाले चंदे में सालाना आधार पर 68 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इस पूरे ऑडिट और कंट्रीब्यूशन रिपोर्ट में कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं, जहां पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अपने ही दल को आर्थिक योगदान देने की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से पीछे छूट गए हैं।
38 करोड़ से घटकर 12 करोड़ पर सिमटा पार्टी फंड
निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, हर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को एक वित्त वर्ष में 20,000 रुपये से अधिक का चंदा देने वाले सभी दानदाताओं की पहचान सार्वजनिक करना अनिवार्य होता है। हालांकि, यह अंशदान रिपोर्ट किसी दल की कुल वार्षिक आय नहीं होती, क्योंकि कुल आय का ब्योरा पार्टी द्वारा अलग से दाखिल किए जाने वाले ऑडिटेड खातों में दर्ज होता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान आम आदमी पार्टी ने 38.10 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की पुष्टि की थी, जो वर्ष 2023-24 के 11.06 करोड़ रुपये की तुलना में तीन गुना से भी अधिक था। उस समय 'प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट' ने अकेले 16.40 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा योगदान दिया था। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में पार्टी का कुल घोषित चंदा सिमटकर केवल 12.10 करोड़ रुपये रह गया है।
दो कॉरपोरेट्स से आया कुल चंदे का 83 फीसदी हिस्सा
आप द्वारा चुनाव आयोग को दी गई 12.10 करोड़ रुपये की रिपोर्ट का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इसका लगभग 83 प्रतिशत हिस्सा केवल दो प्रमुख स्रोतों से प्राप्त हुआ है। इसमें 'प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट' और 'ट्राइडेंट लिमिटेड' ने पार्टी को 5-5 करोड़ रुपये का योगदान दिया। दिलचस्प बात यह है कि ट्राइडेंट लिमिटेड की स्थापना उद्योगपति व पूर्व सांसद राजिंदर गुप्ता ने की थी, जो इसी साल अप्रैल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो चुके हैं। इन दोनों बड़े चंदे के अलावा, देश भर के अन्य सभी दानदाताओं की ओर से पार्टी को कुल 2.10 करोड़ रुपये का अंशदान प्राप्त हुआ।
चंदा देने में केजरीवाल से आगे रहीं आतिशी, अमन अरोड़ा ने दिया सबसे ज्यादा
निर्वाचन आयोग में दाखिल इस रिपोर्ट में कुल 1202 एंट्रीज दर्ज हैं। ब्योरे के अनुसार, दिल्ली में एक दशक से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी पार्टी को कुल 30,000 रुपये का चंदा दिया। उन्होंने 10,000 रुपये की तीन किस्तों में यह राशि जमा कराई। दूसरी तरफ, विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली की कमान संभालने वालीं पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने केजरीवाल से अधिक योगदान दिया। आतिशी ने 3,500 रुपये प्रति माह के हिसाब से 12 किस्तों में कुल 42,000 रुपये पार्टी फंड में दिए, जो केजरीवाल के मुकाबले 12,000 रुपये अधिक हैं। पार्टी नेताओं में पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमन अरोड़ा सबसे आगे रहे; उन्होंने 10,000 रुपये की 12 किस्तों के जरिए कुल 1.20 लाख रुपये का योगदान दिया। इसके अतिरिक्त, 20 हजार रुपये से अधिक चंदा देने वालों की सूची में कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका का नाम भी शामिल है, जिन्होंने पार्टी फंड में 21 हजार रुपये का अंशदान किया।