त्योहारों से पहले UPI यूजर्स को महा-राहत! NPCI ने टाला नया चार्ज, जानें कब से कटेगा पैसा
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल लेनदेन करने वालों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की योजना को दिवाली के बाद तक के लिए टाल दिया है। NPCI के 13 अक्टूबर के आधिकारिक बयान के अनुसार, चुनिंदा व्यापारियों पर लगने वाला यह शुल्क अब त्योहारों के तुरंत बाद अमल में लाया जाएगा, जिसकी निश्चित तारीख का ऐलान आगे किया जाएगा। मूल योजना के तहत इसे इसी हफ्ते गुरुवार से प्रभावी किया जाना था।
इस फैसले को आगे बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ी वजह त्योहारी खरीदारी के दौरान आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर पड़ने वाला संभावित वित्तीय दबाव है। धनतेरस और दिवाली के मौके पर देश भर के बाजारों में भारी खरीदारी होती है। ऐसे अहम समय में नया शुल्क लागू होने से व्यापारियों का खर्च बढ़ता और आशंका थी कि इसका अप्रत्यक्ष असर ग्राहकों की जेब पर पड़ता। फिनटेक कंपनियों, मर्चेंट यूनियनों और पेमेंट सेवा प्रदाताओं ने भी नियमों में और स्पष्टता लाने की मांग उठाई थी। कई जानकारों का यह भी मानना था कि अतिरिक्त लागत के डर से दुकानदार क्यूआर कोड के बजाय फिर से नकदी में लेन-देन को बढ़ावा दे सकते हैं। साथ ही, पेमेंट गेटवे कंपनियों को अपने तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को नए नियमों के अनुरूप ढालने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत थी।
जहां तक नई तारीख का सवाल है, तो मीडिया कयासों के मुताबिक इसे नवंबर के दूसरे हफ्ते के आसपास लागू किया जा सकता है, हालांकि NPCI ने अभी तक किसी अंतिम तारीख पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है।
नए प्रस्ताव के गणित को समझें तो यह चार्ज 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट्स पर 0.4 प्रतिशत की दर से लगाने का प्रावधान है। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर 10,000 रुपये का डिजिटल भुगतान होता है तो उस पर लगभग 40 रुपये और 2,000 रुपये के ट्रांजैक्शन पर करीब 8 रुपये का शुल्क तय किया गया है।