"जब तक तुम्हारा अंत नहीं देख लेती, तब तक जीवित रहूंगी!" बगावत के बीच गरजे शेर की तरह ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मचे आंतरिक घमासान और इस्तीफों के दौर के बीच पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर उनके खिलाफ साजिश रचने का संगीन आरोप लगाया, बल्कि अपनी ही पार्टी के बागियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी भी दे डाली है। एक फेसबुक लाइव संवाद के दौरान ममता बनर्जी बेहद आक्रामक अंदाज में नजर आईं और उन्होंने साफ किया कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं हैं।

"चुनाव के दिन भाजपा के गुंडों ने की मेरी मौत की कामना"

ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव परिणामों के दिन विपक्ष के समर्थकों ने उनकी मौत की दुआ मांगी थी। उन्होंने भावुक और आक्रोशित होते हुए कहा, "चुनाव परिणाम वाले दिन भाजपा के गुंडों ने मेरे लिए दिल का दौरा पड़ने से मौत की कामना की थी। लेकिन मैं उन्हें बता देना चाहती हूं कि मैं तब तक जीवित रहूंगी जब तक कि मैं तुम्हारा (भाजपा का) राजनीतिक अंत नहीं देख लेती।"

इसके साथ ही उन्होंने अपनी बढ़ती उम्र को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में निशाना बनाने वालों को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि किसी को भी उम्र के आधार पर शर्मिंदा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

"अगर 2006 में पार्टी खड़ी कर सकती हूं, तो 2026 में भी कर दूंगी"

टीएमसी में मचे इस्तीफों के दौर और पार्टी पर लगे झटकों पर आत्मविश्वास जताते हुए ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, "आज हमारे पास 18 सांसद हैं। हां, यह सच है कि कुछ लोगों को धमकियां मिल रही हैं। कल ही एक सांसद ने मुझे बताया कि उनके परिवार को डराया जा रहा है। मैं साफ कहना चाहती हूं कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे शौक से जा सकते हैं। अगर मैं साल 2006 के संकट में पार्टी को शून्य से फिर से खड़ा कर सकती हूं, तो साल 2026 में भी इसे दोबारा मजबूत बनाने का माद्दा रखती हूं।" उन्होंने कहा कि उनके पास कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है और कई नए लोग लगातार टीएमसी से जुड़ रहे हैं।

भतीजे अभिषेक बनर्जी का खुलकर किया बचाव, बताया 'शेर'

पार्टी के भीतर अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को लेकर उठ रहे विरोध के सुरों के बीच ममता बनर्जी ने अपने भतीजे का जोरदार समर्थन किया है। उन्होंने "देशद्रोहियों की ओर से" जनता से माफी मांगी और जोर देकर कहा कि उनके परिवार ने राजनीतिक अस्तित्व के लिए कभी कोई समझौता नहीं किया।

ममता ने कहा, "अभिषेक बनर्जी को सिर्फ एक बहाना बनाया जा रहा है। उनके परिवार को जांच एजेंसियों द्वारा समन भेजा गया। अगर वह चाहते तो समझौता करके राहत पा सकते थे, लेकिन वह मैदान छोड़कर भागे नहीं। जिस तरह से उन्होंने मुकाबला किया है, उनकी सारी कमियां माफ हैं। वह एक शेर की तरह लड़ रहे हैं।"

मदन मित्रा के बागी गुट में शामिल होने के बाद आया बयान

ममता बनर्जी का यह बड़ा बयान तब आया है जब टीएमसी के वरिष्ठ विधायक मदन मित्रा ने ममता खेमे का साथ छोड़ दिया और ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गए। मदन मित्रा ने आरोप लगाया था कि उन्होंने अभिषेक बनर्जी को छह महीने के लिए पद से हटाने की मांग की थी, जिसे खारिज किए जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। मित्रा के इस कदम के बाद टीएमसी का आंतरिक संकट गहरा गया है, जिसका जवाब अब खुद ममता बनर्जी ने कड़े शब्दों में दिया है।

Latest Posts