कश्मीर में टारगेटेड किलिंग: क्या पहचान पूछकर और आई-कार्ड देखकर मारी गई गोली? कश्मीर पुलिस ने साफ की पूरी तस्वीर
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जारी कड़े अभियान के बीच हाल ही में हुई एक नागरिक की लक्षित हत्या (Targeted Killing) ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप्स और कुछ डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से यह अफवाह फैलने लगी कि आतंकियों ने पीड़ित को रोकने के बाद उसकी पहचान पूछी, उसका पहचान पत्र (Identity Card) देखा और फिर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस संवेदनशील दावे से घाटी में तनाव और भय का माहौल बनने लगा, जिसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) ने तुरंत मोर्चा संभाला और इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी कर सच्चाई सामने रखी है।
सोशल मीडिया पर क्या दावा किया जा रहा था?
घाटी में हुई इस आतंकी वारदात के बाद इंटरनेट पर कई तरह के अपुष्ट दावे किए जा रहे थे। वायरल दावों में कहा गया कि आतंकियों का एक ग्रुप आया और उन्होंने राह चलते लोगों को रोककर उनके आई-कार्ड चेक करना शुरू किया। जैसे ही उन्हें पीड़ित की विशिष्ट धार्मिक या क्षेत्रीय पहचान का पता चला, उन्होंने उसे निशाना बना लिया। इस तरह की खबरों से मुख्यधारा और सोशल मीडिया पर सुरक्षा व्यवस्था और आतंकियों के नए मॉडस ऑपेरंडी (काम करने के तरीके) को लेकर तीखी बहस छिड़ गई थी।
कश्मीर पुलिस का आधिकारिक जवाब: भ्रामक दावों का खंडन
मामले की गंभीरता को देखते हुए कश्मीर जोन पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल से बयान जारी कर इन सभी दावों को पूरी तरह से निराधार और भ्रामक (Baseless and Misleading) बताया है। पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक:
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पहचान पत्र देखने का दावा गलत: प्राथमिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से यह साफ हो चुका है कि आतंकियों ने कोई आई-कार्ड नहीं देखा और न ही पहचान पूछकर इस वारदात को अंजाम दिया।
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अंधाधुंध गोलीबारी की घटना: आतंकियों ने इलाके में दहशत फैलाने के इरादे से अचानक और बेहद करीब से पीड़ित पर हमला किया और मौके से फरार हो गए।
पुलिस प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि इस दुखद घटना का इस्तेमाल घाटी में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या अफवाह फैलाने के लिए न किया जाए।
सुरक्षा बल अलर्ट, बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी
इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस, भारतीय सेना (Indian Army) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है। संदिग्ध ठिकानों पर बड़े पैमाने पर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाया जा रहा है। एआई-संचालित सुरक्षा ग्रिड और सीसीटीवी कैमरों की मदद से हमलावर आतंकियों के भागने के रूट को ट्रैक किया जा रहा है। कश्मीर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट डिजिटल न्यूज या अफवाह पर भरोसा न करें और क्षेत्र में शांति बनाए रखने में सुरक्षा बलों का सहयोग करें।