20 साल का लंबा इंतजार और PM मोदी को लेटर, कैप्टन विर्दी हत्याकांड के आरोपी को भारत लाने की तैयारी हुई तेज

20 साल का लंबा इंतजार और PM मोदी को लेटर, कैप्टन विर्दी हत्याकांड के आरोपी को भारत लाने की तैयारी हुई तेज

मर्चेंट नेवी के रिटायर कैप्टन मनमोहन सिंह विर्दी (Captain Manmohan Singh Virdi) हत्याकांड मामले में न्याय की उम्मीद एक बार फिर जग गई है। लगभग 20 साल के लंबे और संघर्षपूर्ण इंतजार के बाद इस सनसनीखेज मामले के मुख्य आरोपी को भारत केकटघरे में लाने के प्रयास तेज हो गए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस बहुचर्चित मामले में कड़े कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी हुसैन मोहम्मद शत्ताफ (Hussain Mohammed Shattaf) के प्रत्यर्पण (Extradition) की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिवार की लंबी गुहार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्रों के बाद आखिरकार कूटनीतिक स्तर पर यह बड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

क्या है 20 साल पुराना कैप्टन विर्दी हत्याकांड मामला?

यह पूरा मामला साल 2006 का है, जब महाराष्ट्र के लोकप्रिय पर्यटन स्थल लोनावाला (Lonavala) स्थित एक बंगले में मर्चेंट नेवी के सेवानिवृत्त कैप्टन मनमोहन सिंह विर्दी की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उनका शव खून से लथपथ उनके बेडरूम में मिला था। इस 'ब्लाइंड मर्डर' मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस ने लंबी जांच की और साल 2009 में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें मुख्य आरोपी हुसैन मोहम्मद शत्ताफ, उसकी पत्नी वहीदा शत्ताफ और अन्य सहयोगियों के नाम सामने आए। जांच में यह बात सामने आई थी कि इस वीभत्स वारदात के पीछे आपसी रंजिश और रिश्ते से जुड़ा विवाद मुख्य वजह था।

कानूनी दांवपेच और सुप्रीम कोर्ट तक की लंबी लड़ाई

इस मामले में कानूनी प्रक्रिया काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। एक समय बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी हुसैन शत्ताफ को इस मामले से बरी (Discharge) कर दिया था, जिसके खिलाफ मृतक कैप्टन के भाई कैप्टन मंजीत सिंह विर्दी ने हार नहीं मानी और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 18 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया और आरोपियों की संलिप्तता से जुड़े पॉलीग्राफ टेस्ट, साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन और अन्य अहम सबूतों को नजरअंदाज करने के लिए कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष अदालत के इस कड़े रुख के बाद आरोपियों के लिए कानून के शिकंजे से बचना मुश्किल हो गया है।

यूएई (UAE) में फर्जी दस्तावेजों के सहारे छिपा है आरोपी

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी हुसैन मोहम्मद शत्ताफ देश छोड़कर भाग गया था और वर्तमान में वह फर्जी दस्तावेजों के सहारे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में छिपा हुआ है। आरोपी न केवल हत्या के आरोपों का सामना कर रहा है, बल्कि उसने कानून से बचने के लिए पासपोर्ट धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात जैसे कई अन्य गंभीर अपराध भी किए हैं। परिवार द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों को लगातार पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाने के बाद, अब विदेश मंत्रालय ने यूएई स्थित भारतीय दूतावास के साथ मिलकर प्रत्यर्पण की कागजी कार्रवाई और कूटनीतिक चैनल सक्रिय कर दिए हैं।

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