गुजरात उपचुनाव में फिर खिला कमल! कांग्रेस को धूल चटाकर भाजपा ने दर्ज की बंपर जीत, वोटों का अंतर उड़ा देगा होश
गुजरात की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर अपनी मज़ेदार पकड़ साबित करते हुए मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल (सतीश पटेल) ने अपने निकटतम कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी है। कड़े मुकाबले और सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच हुई इस मतगणना में भाजपा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मांजलपुर सीट पर उसका सियासी दबदबा पूरी तरह बरकरार है।
20 चरणों की मतगणना और किसे मिले कितने वोट
वडोदरा जिले के मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए वोटो की गिनती सोमवार सुबह 8 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई थी। कुल 20 चरणों तक चली इस मतगणना में चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच था, जिसमें सत्ताधारी दल ने बाजी मार ली।
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सतेंद्रभाई पटेल (भाजपा): 55,481 वोट
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भीखाभाई रबारी (कांग्रेस): 24,851 वोट
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नोटा (NOTA): 2,247 वोट
इस उपचुनाव में कुल 37.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इस सीट पर कुल 2.19 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पात्र थे, जिनमें 1,11,645 पुरुष, 1,07,847 महिलाएं और दो तृतीय-लिंगी मतदाता शामिल थे। यह पूरी मतदान प्रक्रिया 62 स्थानों पर फैले 260 मतदान केंद्रों पर संपन्न हुई थी।
शांतिपूर्ण मतदान और कम मतदान प्रतिशत की वजह
गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, गत 30 जुलाई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और इस दौरान कोई भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। हालांकि, इस बार उपचुनाव में मतदाताओं का उत्साह थोड़ा कम नजर आया और केवल 37.5 प्रतिशत मतदान ही दर्ज किया गया। यह आंकड़ा साल 2022 के गुजरात विधानसभा चुनावों के दौरान इसी निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज किए गए 60.15 प्रतिशत मतदान से काफी कम है।
क्यों पड़ी थी मांजलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की जरूरत
मांजलपुर विधानसभा सीट पर इस उपचुनाव की आवश्यकता वरिष्ठ भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के कारण पड़ी थी। योगेश पटेल का गत 2 जून को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वे आठ बार भाजपा के विधायक रहे थे और उन्होंने परिसीमन के बाद नवगठित मांजलपुर सीट से चुनाव लड़ने से पहले 1990 से 2007 के बीच पांच बार वडोदरा की रावपुरा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व भी किया था। इसके बाद उन्होंने 2012, 2017 और 2022 में मांजलपुर से जीत हासिल की और अपने 36 वर्षों के राजनीतिक सफर में गुजरात विधानसभा में लगातार आठवीं बार जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड बनाया था।