बडगाम के जंगलों में सेना का बड़ा एक्शन: 'ऑपरेशन अशदार' में लश्कर कमांडर यासिर ढेर, एके-47 राइफल बरामद

बडगाम के जंगलों में सेना का बड़ा एक्शन: 'ऑपरेशन अशदार' में लश्कर कमांडर यासिर ढेर, एके-47 राइफल बरामद

घाटी में आतंकवाद के खात्मे के लिए सुरक्षा बलों का प्रहार लगातार तेज होता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सेना और पुलिस के संयुक्त दस्ते ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैबा (LeT) के खूंखार कमांडर को मार गिराया है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार 'ऑपरेशन अशदार' के तहत ढेर किए गए इस आतंकी की शिनाख्त यासिर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पाकिस्तानी नागरिक था और लंबे समय से घाटी में दहशत फैलाने की फिराक में जुटा हुआ था। यह भीषण मुठभेड़ उस वक्त भड़की जब स्पेशल फोर्सेज और 53 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) की साझा टीम ने इलाके में आतंकियों के छिपे होने के पुख्ता इनपुट के बाद यूसमर्ग के जंगलों में घेराबंदी की थी।

कौन था लश्कर कमांडर यासिर और कैसे रडार पर आया?

सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के मुताबिक मारा गया आतंकी यासिर पहले लश्कर-ए-तैबा के कुख्यात सुलेमान मूसा गुट का सक्रिय सदस्य था। हालांकि करीब एक साल पहले उसने उस गुट से अलग होकर स्वतंत्र रूप से अपनी आतंकी गतिविधियां चलाना शुरू कर दिया था। इसके बावजूद वह बडगाम और आसपास के इलाकों में लश्कर के सबसे अहम और खतरनाक चेहरों में से एक बना रहा।

सुरक्षा बल काफी समय से बडगाम के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र यूसमर्ग और उसके आसपास के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में उसकी संदिग्ध हरकतों पर नजर रख रहे थे। जैसे ही उसके घने जंगलों में मूवमेंट की पक्की सूचना मिली, सुरक्षा बलों ने सटीक कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाकर उसे घेर लिया और आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, जिस पर उसने फायरिंग शुरू कर दी और जवाबी कार्रवाई में मारा गया।

पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड था सुलेमान मूसा, दाचीगाम में हुआ था ढेर

यासिर जिस सुलेमान मूसा उर्फ हाशिम मूसा के गुट से जुड़ा रहा था, वह घाटी में बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था। सुलेमान मूसा वर्ष 2025 में पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल था। उस हमले के कुछ ही महीनों बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने एक साहसिक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए श्रीनगर के दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में हुई मुठभेड़ में सुलेमान मूसा को ढेर कर दिया था। मूसा के खात्मे के बाद यासिर अलग होकर नई साजिशें रच रहा था, लेकिन सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने उसके मंसूबों पर भी पानी फेर दिया।

पुलवामा से बडगाम की ओर मूवमेंट, अशदर गली में संयुक्त सुरक्षा अभियान

इस पूरे ऑपरेशन की कड़ियां दक्षिण कश्मीर के पुलवामा से जुड़ी हुई थीं। सुरक्षा एजेंसियों को सटीक खुफिया जानकारी मिली थी कि संदिग्ध आतंकवादियों का एक हथियारबंद दल पुलवामा के पाखेरपोरा से बडगाम के यूसमर्ग की ओर बढ़ रहा है। सूचना मिलते ही भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने तत्काल संयुक्त मोर्चा संभाला और बडगाम के अशदर गली वन क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। जंगलों में आगे बढ़ रहे जवानों ने जब संदिग्ध हलचल देखकर आतंकियों को ललकारा, तो उन्होंने अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।