11 दिन बाद मौत को मात! मलबे में दबी 64 साल की महिला जिंदा मिलीं, रेस्क्यू टीम भी हैरान
प्रकृति के सबसे भयानक तांडव के बीच जब उम्मीद की हर किरण बुझती दिख रही हो, तब जीवन की लौ कैसे चमत्कारिक रूप से जलती रहती है, इसका साक्षात गवाह पड़ोसी मुल्क नेपाल बना है।
बीते 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद रेस्क्यू टीमें लगातार मलबे के ढेर और जलमग्न इलाकों को खंगाल रही हैं। आपदा के पूरे 11वें दिन राहत और बचाव कर्मियों ने दो इंसानी जिंदगियों को मौत के मुंह से सकुशल बाहर निकाल कर इतिहास रच दिया।
एक ओर नुवाकोट जिले में एक बुजुर्ग महिला ढहे हुए मकान के नीचे 11 दिनों तक दबे रहने के बावजूद सुरक्षित मिलीं, तो वहीं दूसरी तरफ बाढ़ग्रस्त जलविद्युत परियोजना की एक भूमिगत सुरंग से एक विदेशी इंजीनियर को जिंदा बाहर निकाला गया।
11 दिन तक मलबे में दबी रहीं 64 वर्षीय चंद्रिका श्रेष्ठ, एयरलिफ्ट कर काठमांडू भेजा
नेपाल के नुवाकोट जिले के बेत्रावती कस्बे से सामने आई यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है। 26 अगस्त की बाढ़ में एक बहुमंजिला इमारत पूरी तरह तबाह हो गई थी, जिसके नीचे दर्जनों लोगों के दबे होने की आशंका थी। शनिवार को जब आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के जवान सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तभी मलबे के नीचे हलचल महसूस हुई। इसके बाद जवानों ने सधे हुए ऑपरेशन में 64 वर्षीय बुजुर्ग महिला चंद्रिका श्रेष्ठ को सुरक्षित ढूंढ निकाला। वह अपने ही क्षतिग्रस्त मकान के चौथे तल के एक संकरे हिस्से में 11 दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ती रहीं। जवानों ने उन्हें तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला और बिगड़ती सेहत को देखते हुए सेना के विशेष हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर तत्काल इलाज के लिए राजधानी काठमांडू भेजा।
अपर त्रिशूली-1 हाइड्रो प्रोजेक्ट की 'एडिट-4' सुरंग में 11 दिन बाद मिला चीनी नागरिक
दूसरी हैरतअंगेज सफलता 216 मेगावाट की निर्माणाधीन अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना स्थल पर मिली। शनिवार दोपहर बाढ़ और मलबे से घिरी एडिट-4 सुरंग के भीतर फंसे एक चीनी नागरिक को सुरक्षित निकाल लिया गया। नेपाल प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नेपाल सेना और दक्षिण कोरिया से आए अंतरराष्ट्रीय आपदा विशेषज्ञों के साझा दस्ते ने सुरंग के बेहद दुर्गम और जोखिम भरे हिस्से में उतरकर यह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया। 11 दिनों तक अंधेरे और पानी के बीच जिंदगी की आस संजोए रखने वाले इस चीनी नागरिक को प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत नुवाकोट के त्रिशूली स्थित मैथिली बैरक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
84,000 बेघरों के लिए संयुक्त राष्ट्र ने खोला मोर्चा, 50 मिलियन डॉलर जुटाने की वैश्विक अपील
पहाड़ों से बहकर आई भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के उफान ने नेपाल के ग्रामीण अंचलों में भारी तबाही मचाई है। संयुक्त राष्ट्र के प्राथमिक आकलन के अनुसार बाढ़ और भूस्खलन की इस भीषण विभीषिका ने 84,000 से अधिक लोगों को बेघर और असहाय कर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) और उसके सहयोगी अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने वैश्विक समुदाय से आपातकालीन 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने की आधिकारिक अपील जारी की है। इस फंड का मुख्य उपयोग नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत तैयार की गई 4 महीने की विस्तृत कार्ययोजना को तेजी से जमीन पर उतारने के लिए किया जाएगा।