SIR विवाद के बीच ECI का बड़ा फैसला: 17 राज्यों में वोटर लिस्ट का SSR शुरू

SIR विवाद के बीच ECI का बड़ा फैसला: 17 राज्यों में वोटर लिस्ट का SSR शुरू

भारतीय चुनावी राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी 'एसआईआर' (SIR) प्रक्रिया को लेकर चल रहे भारी राजनीतिक घमासान और गहमागहमी के बीच देश के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने देश के 17 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी 'एसएसआर' (SSR) कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस बड़े फैसले के तहत मतदाता सूची को पूरी तरह से अद्यतन (Update) किया जाएगा, जिसमें छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलत प्रविष्टियों में सुधार करने और नए युवाओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। यह घोषणा ऐसे समय पर सामने आई है जब विपक्षी दलों द्वारा लगातार मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे थे। आइए एक पॉलीटिकल और इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर की नजर से गहराई से जानते हैं कि इस पूरे फैसले की इनसाइड स्टोरी क्या है और नागरिकों के लिए इसका पूरा प्रोसेस क्या रहने वाला है।

क्या है SIR और SSR का पूरा विवाद और क्यों अचानक उठाया गया यह कदम?

पिछले कुछ समय से देश के कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच तीखी तनातनी देखने को मिल रही है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन भी किए थे। इन सबके बीच चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कुल 17 राज्यों में स्पेशल समरी रिविजन (SSR) का ऐलान करके स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनावी प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और कोई भी पात्र नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रह जाए। जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, वहां यह प्रक्रिया सुरक्षा और सटीकता के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्यों में लागू हुआ नया शेड्यूल: जानिए क्या है पूरी समय सारिणी?

चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, बिहार, गुजरात, और राजस्थान सहित 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी। इस पूरे अभियान के तहत सबसे पहले 12 नवंबर को एकीकृत फोटोयुक्त प्रारंभिक मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा। इस ड्राफ्ट के जारी होने के बाद से लेकर 11 दिसंबर तक का समय आम नागरिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इस दौरान लोग अपने नाम जोड़ने, हटाने या किसी भी प्रकार की गलती (नाम, पता या उम्र) को सुधारने के लिए अपने दावे और आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज करा सकेंगे। इसके बाद सभी प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों का बारीकी से निस्तारण किया जाएगा और अंततः 4 जनवरी तक अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) का प्रकाशन कर दिया जाएगा।

नए मतदाताओं और युवाओं के लिए एडवांस एप्लीकेशन की सुविधा

इस बार के एसएसआर (SSR) अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें उन युवाओं का विशेष ध्यान रखा गया है जो पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि मुख्य अर्हता तिथि (Qualifying Date) 1 जनवरी के अलावा आने वाले साल की अन्य तिमाहियों के लिए भी अग्रिम आवेदन (Advance Applications) स्वीकार किए जाएंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि जो युवा साल के शुरुआती महीनों के बाद तय आयु सीमा को पूरा करने वाले हैं, वे भी पहले से ही अपना फॉर्म भरकर सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को कागजी दौड़-भाग से राहत मिलेगी और वे आसानी से चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे।

वोटर लिस्ट में नाम कैसे जुड़वाएं या गलती कैसे सुधारें? जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस

यदि आपका नाम मतदाता सूची में नहीं है, या फिर आपके नाम, पते या उम्र में कोई त्रुटि है, तो आप इस निर्धारित समयावधि के दौरान आसानी से सुधार करवा सकते हैं। नए नाम को जुड़वाने के लिए निर्धारित फॉर्म-6 भरना होता है, जबकि किसी भी प्रकार के संशोधन या सुधार के लिए संबंधित फॉर्म का उपयोग करना पड़ता है। आप चाहें तो अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल एवं वोटर सर्विस ऐप (voters.eci.gov.in) के जरिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन दर्ज करा सकते हैं। ड्राफ्ट पब्लिश होने के बाद अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर जाकर सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें, ताकि ऐन वक्त पर आपको किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।