8 साल पूरे होते ही आयुष्मान योजना का बड़ा अपडेट, जानें कितने लोगों को मिला फायदा
देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति लाने वाली केंद्र सरकार की फ्लैगशिप 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (AB PM-JAY) ने अपनी सफल सेवा के 8 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक पड़ाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और लाभार्थियों को बधाई देते हुए रेखांकित किया कि यह योजना आज देश के 60 करोड़ से अधिक नागरिकों को 5 लाख रुपये तक का वार्षिक हेल्थ कवर प्रदान कर रही है, जिसने इसे वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य सेवा योजना बना दिया है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए अपने संदेश में कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस महात्वाकांक्षी योजना की शुरुआत हर भारतीय तक सुलभ, आधुनिक और किफायती चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी।
इलाज के खर्च में रिकॉर्ड बचत, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 500 करोड़ से अधिक विजिट
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आयुष्मान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ने वाले मेडिकल खर्च में रिकॉर्ड कमी आई है। प्राइमरी हेल्थकेयर नेटवर्क को गांव-गांव तक मजबूत करते हुए 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' में अब तक 500 करोड़ से ज्यादा ओपीडी और स्वास्थ्य परामर्श विजिट्स दर्ज की जा चुकी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी द्वारा आठ वर्ष पूर्व लिए गए 'सेवा के संकल्प' ने भारतीय चिकित्सा प्रणाली का कायाकल्प कर दिया है। उन्होंने बताया कि यह योजना आज देश की आधी से ज्यादा आबादी के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है।
48.54 करोड़ कार्ड जारी, 39 हजार अस्पतालों के नेटवर्क से 2 लाख करोड़ का मुफ्त इलाज
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस योजना के अंतर्गत अब तक 48.54 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और 13 करोड़ से अधिक मरीज अस्पतालों में कैशलेस उपचार का सीधा लाभ उठा चुके हैं। देश भर में 39,000 से अधिक सूचीबद्ध (पैनल्ड) सरकारी और निजी अस्पतालों के विशाल नेटवर्क के जरिए अब तक 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मुफ्त अस्पताल दाखिले और जटिल ऑपरेशनों को अंजाम दिया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस दूरदर्शी कदम ने देश के करोड़ों वंचित परिवारों को गंभीर बीमारियों के समय आर्थिक तबाही से बचाया है।
5 लाख का कैशलेस बीमा, भर्ती से पहले और बाद का पूरा खर्च शामिल
आयुष्मान भारत योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर के गंभीर इलाज के लिए वित्तीय सुरक्षा देती है। इसके तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का पूरी तरह कैशलेस और पेपरलेस इलाज मुहैया कराया जाता है, जिसमें मरीज को अपनी जेब से एक रुपया भी नहीं देना पड़ता। योजना की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें पहले से मौजूद बीमारियों (Pre-existing conditions) को पॉलिसी के पहले ही दिन से कवर किया जाता है। इतना ही नहीं, अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले तक की जांचें व दवाएं और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक का फॉलो-अप व दवा खर्च भी योजना के पैकेज में शामिल रहता है। योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या या उनकी आयु पर कोई सीमा नहीं रखी गई है।
कौन हैं योजना के पात्र? 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी संपूर्ण सुरक्षा
योजना की पात्रता मुख्य रूप से सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC 2011) के डेटाबेस पर निर्धारित है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार, भूमिहीन खेतिहर मजदूर, अनुसूचित जाति एवं जनजाति (SC/ST) वर्ग और दिव्यांग सदस्य वाले परिवार इसके स्वाभाविक लाभार्थी हैं। शहरी इलाकों में कचरा बीनने वाले, घरेलू सहायक, स्ट्रीट वेंडर्स, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक और दर्जी जैसे असंगठित क्षेत्र के कामगार इसके दायरे में आते हैं। साथ ही एक बड़े नीतिगत विस्तार के तहत देश के 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आय सीमा के किसी भी बंधन के बिना इस 5 लाख रुपये के मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा कवच में शामिल किया गया है।