भारत के इन राज्यों में मानसूनी बारिश बनी काल: यहां 82 मौतें, तो केरल में मची चीख-पुकार

भारत के इन राज्यों में मानसूनी बारिश बनी काल: यहां 82 मौतें, तो केरल में मची चीख-पुकार

भारत के कई राज्यों में इस वक्त मानसूनी बारिश (Monsoon Rain) काल बनकर बरस रही है। शनिवार को भी असम, केरल और ओडिशा में कुदरत का भयंकर कहर देखने को मिला।

भारी बारिश और बाढ़ के चलते अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, हजारों बेघर हो गए हैं और लाखों लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

असम में बाढ़ का तांडव, 82 लोगों ने गंवाई जान

असम में बाढ़ (Assam Floods) की स्थिति लगातार जानलेवा बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के कारण राज्य में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 82 हो गया है। हालांकि कुछ इलाकों में नदियों का जलस्तर मामूली रूप से कम हुआ है, लेकिन अभी भी 1.93 लाख से ज्यादा लोग इस प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में युद्ध स्तर पर राहत और पुनर्वास का काम जारी है।

केरल में भारी बारिश से तबाही, राहत शिविरों में हजारों लोग

दक्षिण भारतीय राज्य केरल (Kerala) में भी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश जनित हादसों में 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 6 अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

राज्य सरकार ने एहतियात बरतते हुए 65 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां 1,465 लोगों ने शरण ली है। तेज बारिश के कारण 17 घर पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए हैं और 127 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। कोझिकोड के अनाक्कमपोयिल में मात्र 35 घंटों के भीतर 340 मिमी और वायनाड के मेप्पडी में 177 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थानीय एजेंसियों और जनप्रतिनिधियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है।

ओडिशा में बाढ़ का हाई अलर्ट, 8 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

ओडिशा इस मानसून की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। भारी बारिश के चलते राज्य के 20 जिलों में 8.34 लाख से अधिक लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। महानदी, सालंदी, ब्राह्मणी, बैतरानी और बुधबलंग समेत कई नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है और कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। भद्रक, जाजपुर, बालासोर और मयूरभंज जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां उत्तरी ओडिशा में 1,300 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

हीराकुड बांध (Hirakud Dam) में पानी का स्तर 630 फीट की कुल क्षमता के मुकाबले 625.47 फीट तक पहुंच गया है, जिसके चलते इसके 22 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के डेल्टा क्षेत्र और 10 निचले जिलों—अंगुल, बौध, संबलपुर, सुबर्नापुर, नयागढ़, कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने बताया कि कटक के मुंडाली बैराज से पानी का बहाव फिलहाल 7 लाख क्यूसेक है और पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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