खाते में मिनिमम बैलेंस का झंझट खत्म! RBI के इस नियम से नहीं कटेगा एक भी रुपया, मिलेंगे ये बड़े फायदे
भारत की बैंकिंग व्यवस्था बीते कुछ वर्षों में तेजी से बदली है। एक तरफ जहां तकनीक के विस्तार से बैंक से जुड़े अधिकांश वित्तीय काम घर बैठे मोबाइल फोन से ही चुटकियों में निपट जाते हैं और शाखाओं के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल गई है, वहीं दूसरी तरफ कई ऐसी बुनियादी सेवाओं के लिए अब ग्राहकों को शुल्क चुकाना पड़ रहा है जो पहले पूरी तरह मुफ्त हुआ करती थीं।
मौजूदा समय में लगभग सभी प्रमुख बैंक अपने सामान्य बचत खातों में एक तय न्यूनतम राशि यानी मिनिमम बैलेंस बनाए रखने की सख्त शर्त रखते हैं। यदि कोई खाताधारक अपने खाते में यह निर्धारित राशि बनाए रखने में चूक जाता है, तो बैंक की ओर से भारी-भरकम जुर्माना काट लिया जाता है। हालांकि, अधिकांश आम खाताधारक इस बात से अनजान हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तहत चलने वाले बीएसबीडी (BSBD) खातों पर जुर्माने का ऐसा कोई नियम लागू नहीं होता है।
क्या है BSBD खाता? RBI ने तय किए हैं ये राहत भरे नियम
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार, BSBD यानी 'बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट' (Basic Savings Bank Deposit) खाता एक शून्य-शेष (Zero Balance) सुविधा वाला खाता है। इस खाते की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ग्राहक को किसी भी प्रकार का न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करने की कानूनी बाध्यता नहीं होती है। इसके अलावा, खाता खोलते समय भी किसी तरह की शुरुआती जमा राशि (Initial Deposit) जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं होती। इस खाते के जरिए आम नागरिकों को बिना किसी आर्थिक बोझ के बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जाता है।
बिना शुल्क के मिलती हैं एटीएम, पासबुक और चेकबुक सुविधाएं
अक्सर यह माना जाता है कि जीरो बैलेंस खातों में सुविधाएं सीमित होती हैं, लेकिन BSBD खाते के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस खाते के तहत ग्राहकों को मुफ्त एटीएम व रूपे डेबिट कार्ड जारी किया जाता है, जिसके रखरखाव के लिए कोई अतिरिक्त वार्षिक शुल्क नहीं वसूला जाता। इसके साथ ही खाताधारक को बैंक की ओर से पूरी तरह निशुल्क पासबुक और चेकबुक की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों द्वारा इस खाते पर मुफ्त इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं।
आसानी से सामान्य खाते को BSBD में करा सकते हैं ट्रांसफर
यदि आप अपने मौजूदा बचत खाते में बार-बार मिनिमम बैलेंस पेनाल्टी कटने से तंग आ चुके हैं, तो केंद्रीय बैंक के नियमों के अनुसार आप अपनी मूल बैंक शाखा में जाकर एक साधारण आवेदन देकर अपने चालू बचत खाते को आसानी से BSBD खाते में बदलवा सकते हैं। नया बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाता खुलवाने की प्रक्रिया भी बेहद सरल है; इसके लिए केवल पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड तथा पैन कार्ड (या पैन न होने की स्थिति में फॉर्म 60) जैसे बुनियादी केवाईसी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
जमा करने की कोई सीमा नहीं, महीने में 4 बार फ्री निकासी की सुविधा
लेन-देन के नियमों की बात करें तो बीएसबीडी खाते में पैसे जमा करने की संख्या पर बैंक की तरफ से कोई पाबंदी नहीं होती है; ग्राहक महीने में जितनी बार चाहें उतनी बार बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नकद या ऑनलाइन माध्यम से राशि जमा कर सकते हैं। वहीं निकासी के संदर्भ में, खाताधारक को हर महीने अधिकतम 4 बार मुफ्त निकासी की सुविधा मिलती है। इन चार फ्री निकासी में एटीएम से कैश निकालना, बैंक शाखा से विड्रॉल, या आरटीजीएस (RTGS) व एनईएफटी (NEFT) के जरिए किए जाने वाले डिजिटल ट्रांसफर शामिल हैं। हालांकि, नियमों के तहत यह ध्यान रखना जरूरी है कि जिस बैंक में आपका सक्रिय BSBD खाता है, उसी बैंक में आप कोई दूसरा सामान्य बचत खाता नहीं रख सकते हैं।