प्लेन के टॉयलेट में मिली 'BOMB' लिखी चिट्ठी ने मचाया हड़कंप, यात्रियों की अटकी सांसें
आधुनिक विमानन इतिहास में जब भी आसमान में उड़ते हुए किसी विमान के भीतर बम होने की कोई भी अफवाह या धमकी मिलती है, तो सुरक्षा एजेंसियों से लेकर यात्रियों तक के बीच खलबली मच जाना लाजिमी है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के दौरान इस तरह की सुरक्षा चेतावनियां किसी बड़े खतरे की घंटी साबित हो सकती हैं। हाल ही में सऊदी अरब के जेद्दा शहर से देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एक कमर्शियल फ्लाइट के साथ एक ऐसा ही बेहद सनसनीखेज और खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश के सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर ला दिया है। सऊदी से दिल्ली आ रहे इस विमान में उस वक्त अचानक अफरा-तफरी मच गई जब क्रू मेंबर्स को टॉयलेट के अंदर एक ऐसी पर्ची या चिट्ठी मिली जिस पर अंग्रेजी में 'BOMB' लिखा हुआ था। इस छोटे से शब्द ने हवा में उड़ रहे विमान के भीतर बैठे सैकड़ों यात्रियों और पायलटों के होश उड़ा दिए। स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांपते हुए विमान को उसके तय मार्ग से डायवर्ट किया गया और गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उसकी అత్యंत आपातकालीन (Emergency Landing) लैंडिंग करवानी पड़ी। इस घटना ने एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा और यात्रियों की चेकिंग प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सऊदी से उड़ान भरने के बाद हवा में शुरू हुआ यह खतरनाक खेल
जेद्दा से दिल्ली के लिए रवाना हुई यह फ्लाइट अपनी तय ऊंचाई पर आसमान में सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, और यात्री अपनी इस लंबी यात्रा के दौरान आराम कर रहे थे। विमान के अंदर का माहौल पूरी तरह शांत था, और किसी को भी इस बात का दूर-दूर तक अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यह सामान्य सी यात्रा एक भयानक मनोवैज्ञानिक और सुरक्षा संकट में बदलने वाली है। फ्लाइट के केबिन क्रू का एक सदस्य जब नियमित निरीक्षण के सिलसिले में विमान के वॉशरूम या टॉयलेट की ओर गया, तो उसकी नजर वहां रखी या चिपकाई गई एक संदिग्ध पर्ची पर पड़ी। उस कागज के टुकड़े पर बड़े-बड़े अक्षरों में 'बॉम्ब' (BOMB) लिखा हुआ था। इस तरह की चेतावनी मिलते ही क्रू मेंबर के पैरों तले जमीन खिसक गई। बिना एक भी सेकंड गंवाए और बिना यात्रियों के बीच तत्काल भगदड़ मचाए, उसने तुरंत इसकी गुप्त सूचना कॉकपिट में बैठे मुख्य पायलट (Captain) को दी। पायलट ने बिना देर किए स्थिति की नजाकत को समझा और आनन-फानन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के साथ आपातकालीन संपर्क साधना शुरू कर दिया, जिससे हवा में ही सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय हो गए।
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उड़े होश: तुरंत घोषित की गई इमरजेंसी लैंडिंग
जैसे ही सऊदी से आने वाली इस फ्लाइट में बम होने की धमकी की जानकारी जमीन पर मौजूद सुरक्षा एजेंसियों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मिली, गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तुरंत आपातकाल (Emergency) घोषित कर दिया गया। एयरपोर्ट प्रशासन, सीआईएसएफ (CISF), स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad), डॉग स्क्वायड और एम्बुलेंस सेवाओं को तुरंत रनवे के पास तैनात कर दिया गया। पायलटों ने असाधारण सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को सबसे नजदीकी और सुरक्षित विकल्प के रूप में अहमदाबाद एयरपोर्ट की ओर मोड़ा। जब विमान ने अहमदाबाद के रनवे पर उतरकर आइसोलेशन बे (Isolation Bay) की तरफ रुख किया, तो वहां मौजूद हर एक सुरक्षा अधिकारी की सांसे अटकी हुई थीं। विमान के रुकते ही सबसे पहले प्रोटोकॉल के तहत सभी आपातकालीन निकास द्वारों को तैयार किया गया और अत्यंत सावधानी के साथ यात्रियों को एक-एक करके विमान से नीचे उतारना शुरू किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यात्रियों के चेहरों पर भारी खौफ और अनिश्चितता साफ झलक रही थी, क्योंकि वे यह नहीं जानते थे कि उनके ठीक नीचे या आसपास कोई विस्फोटक मौजूद है या नहीं।
गहन तलाशी अभियान और सुरक्षा एजेंसियों की उच्च स्तरीय जांच
यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद, बम डिस्पोजल स्क्वायड और सुरक्षा बलों ने तुरंत उस विमान को अपने कब्जे में ले लिया और उसकी चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी (Thorough Search Operation) शुरू कर दी। विमान की हर एक सीट, लगेज कंपार्टमेंट, ओवरहेड बिन, केबिन और विशेष रूप से उस टॉयलेट की बार-बार जांच की गई जहां वह संदिग्ध चिट्ठी बरामद हुई थी। मेटल डिटेक्टर्स और आधुनिक स्कैनिंग उपकरणों की मदद से यह सुनिश्चित किया जाने लगा कि कहीं वाकई विमान के भीतर कोई खतरनाक विस्फोटक सामग्री छिपाई गई है या यह किसी शरारती तत्व की एक सोची-समझी साजिश मात्र है। कई घंटों तक चले इस मैराथन सर्च ऑपरेशन के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली जब यह स्पष्ट हुआ कि विमान के अंदर कोई भी वास्तविक विस्फोटक या बम मौजूद नहीं था। इसके बाद यह पूरी तरह साफ हो गया कि टॉयलेट में मिली वह 'BOMB' लिखी चिट्ठी किसी असामाजिक तत्व द्वारा फैलाई गई महज एक अफवाह या दहशत फैलाने की नीयत से किया गया घिनौना कृत्य था।
शरारती तत्वों की कायराना हरकत और कड़े कानूनी प्रावधानों की जरूरत
इस प्रकार की घटनाएं इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि कैसे कुछ असामाजिक या मानसिक रूप से विकृत लोग केवल सनसनी फैलाने या सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने के लिए ऐसी झूठी धमकियों का सहारा लेते हैं। विमान के टॉयलेट में पर्ची लिखकर छोड़ने वाले शख्स ने यह नहीं सोचा कि उसकी इस हरकत से सैकड़ों बेकसूर लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है, एयरलाइन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, और देश की सुरक्षा एजेंसियों को कितने बड़े पैमाने पर संसाधनों को झोंकना पड़ता है। नागरिक उड्डयन सुरक्षा नियमों के तहत इस तरह की झूठी बम धमकियां देना एक अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। इस मामले में भी जांच एजेंसियां अब उस शख्स की तलाश में जुट गई हैं जिसने जेद्दा से उड़ान भरने के दौरान या उससे पहले इस पर्ची को वहां छोड़ा था। सीसीटीवी फुटेज और पैसेंजर मैनिफेस्ट (Passenger Manifest) की मदद से हर एक यात्री और स्टाफ की कड़ी जांच की जा रही है ताकि दोषी को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके और उसे ऐसी सजा दी जा सके जो दूसरों के लिए एक कड़ा सबक बने।