'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के जरिए 12 हजार से अधिक मरीजों को मिला 10 लाख तक का मुफ्त इलाज

'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के जरिए 12 हजार से अधिक मरीजों को मिला 10 लाख तक का मुफ्त इलाज

चंडीगढ़। देश के सबसे गंभीर और जानलेवा चिकित्सा संकटों में शुमार 'सेप्सिस' (Sepsis) जैसी खतरनाक बीमारी के खिलाफ पंजाब सरकार ने एक बहुत बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। राज्य के गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही 'मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना' के तहत अब तक 12 हजार से ज्यादा गंभीर सेप्सिस पीड़ितों का पूरी तरह मुफ्त इलाज किया जा चुका है। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से मरीजों को अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जा रहा है, जिसने अनगिनत परिवारों को आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से बचा लिया है। समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा मिलने से कई मरीजों की जान बचाई जा सकी है, जिससे पंजाब स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मिसाल कायम कर रहा है।

क्या है सेप्सिस और क्यों है यह बीमारी इतनी खतरनाक और जानलेवा?

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सेप्सिस को एक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है जब शरीर किसी संक्रमण (Infection) के खिलाफ अत्यधिक प्रतिक्रिया देने लगता है। यदि इस संक्रमण की समय रहते पहचान न हो और सही इलाज न मिले, तो यह पूरे शरीर में फैल जाता है जिससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर (Multi-organ failure) का खतरा पैदा हो जाता है और चंद घंटों में मरीज की मौत भी हो सकती है। सामान्यतः निमोनिया, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन या पेट के संक्रमण बिगड़ने पर यह बीमारी विकराल रूप ले लेती है। प्राइवेट अस्पतालों में सेप्सिस के इलाज का खर्च इतना ज्यादा होता है कि आम और गरीब परिवार इसे उठाने की सोच भी नहीं सकते। ऐसे में मरीजों के लिए आईसीयू, महंगी एंटीबायोटिक्स और वेंटिलेटर का खर्च वहन करना असंभव हो जाता है, जिससे कई बार लोग इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं।

'मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना' कैसे बन रही है गरीबों के लिए जीवन रक्षक ढाल?

पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही 'मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना' ऐसे गंभीर समय में गरीब परिवारों के लिए किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हो रही है। इस योजना के दायरे में आने वाले लाभार्थियों को राज्य और देश के सूचीबद्ध (Empanelled) निजी व सरकारी अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज मुहैया कराया जाता है। सेप्सिस जैसी जटिल और महंगी बीमारी के पीड़ित जब सरकारी या अनुबंधित निजी अस्पतालों में पहुंचते हैं, तो उन्हें इस बीमा कार्ड के जरिए बिना एक भी पैसा चुकाए वेंटिलेटर सपोर्ट, स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की देखरेख और महंगी दवाइयां मिल जाती हैं। योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन और डिजिटल पोर्टल के माध्यम से मरीजों को बिना किसी कागजी भागदौड़ के तुरंत अप्रूवल मिल जाता है, जिससे अमूल्य समय की बचत होती है और मरीज की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रही है पंजाब सरकार की यह पहल

पंजाब सरकार के इस कदम से राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों का मानना है कि यदि समय पर सही इलाज मिल जाए तो सेप्सिस के मरीजों को बचाया जा सकता है, और यही काम 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' धरातल पर कर रही है। जिन परिवारों ने कभी महंगे इलाज के डर से अस्पतालों का रुख करना छोड़ दिया था, वे आज इस योजना के बल पर बड़े-बड़े अस्पतालों में अपना और अपने परिजनों का बेहतरीन इलाज करवा पा रहे हैं। लाभार्थियों की जुबान पर सरकार की इस कल्याणकारी योजना के लिए धन्यवाद के शब्द हैं क्योंकि इसने मौत के मुंह में जा चुके मरीजों को नई जिंदगी दी है। इस योजना की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरत को हर नागरिक तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।