दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत ढही: हादसे में दो छात्रों की मौत, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका

दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत ढही: हादसे में दो छात्रों की मौत, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के व्यस्त और छात्र-बाहुल्य इलाके सत्य निकेतन में, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के बिल्कुल करीब है, रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक पीजी (पेइंग गेस्ट) की पुरानी इमारत अचानक भरभराकर ढह गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे के तुरंत बाद घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान सात में से दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

मलबे के नीचे अभी भी कई अन्य छात्रों और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

केंद्रीय गृहमंत्री और शीर्ष अधिकारियों ने लिया जमीनी हालात का जायजा

इस भीषण हादसे के बाद केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और एनडीआरएफ के महानिदेशक से फोन पर बातचीत कर पूरे हालात की जानकारी ली है।

उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें आपसी तालमेल के साथ तेजी से बचाव कार्य में जुटी हुई हैं और सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भी घटनास्थल का दौरा कर पूरी स्थिति की समीक्षा की है।

युद्ध स्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन, बगल की इमारत भी खाली कराई गई

मुख्यमंत्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, नगर निगम (MCD) और सिविल डिफेंस के सैकड़ों जवान मिलकर मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के काम में दिन-रात एक किए हुए हैं। किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए एहतियात के तौर पर दुर्घटनाग्रस्त इमारत के ठीक बगल वाली बिल्डिंग को भी खाली करवा लिया गया है। प्रशासन का मुख्य फोकस इस समय मलबे में फंसे हर एक शख्स को सुरक्षित बाहर निकालना और प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाना है। सरकार पूरे घटनाक्रम पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है।