'पीएम मोदी ने दिया जीवनदान': जंतर-मंतर पर गाली देने वाली लड़की की मां ने जोड़े हाथ, की सोशल मीडिया बैन की मांग

'पीएम मोदी ने दिया जीवनदान': जंतर-मंतर पर गाली देने वाली लड़की की मां ने जोड़े हाथ, की सोशल मीडिया बैन की मांग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन का वीडियो बीते दिनों सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया था। इस वीडियो में एक नाबालिग लड़की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करती नजर आई थी।

मामले के तूल पकड़ने और नोएडा में एफआईआर दर्ज होने के बाद, अब इस पूरी घटना में एक नया मोड़ आ गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बड़प्पन दिखाते हुए उस लड़की को माफ कर दिया है। पीएम के इस कदम के बाद लड़की की मां भावुक हो उठीं और उन्होंने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का आभार जताया है।

'बेटी के लिए नया जन्म, पीएम ने दिया सबसे बड़ा गिफ्ट'

लड़की की मां ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पीएम मोदी का यह फैसला उनकी बेटी के लिए किसी 'जीवनदान' से कम नहीं है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हम पीएम मोदी के सामने कुछ भी नहीं हैं, वह देश के मुखिया हैं। मेरी बेटी ने उनके खिलाफ इतने अपशब्द कहे, फिर भी उन्होंने सजा देने के बजाय उसे माफ कर दिया। यह सचमुच एक महान कार्य है। मां ने यह भी बताया कि आज उनकी बेटी का जन्मदिन है और पीएम मोदी की तरफ से मिला यह माफीनामा उसके जीवन का सबसे बड़ा और अनमोल उपहार है।

'मेरी बच्ची को गोद लें पीएम, वापस हो नोएडा की FIR'

भावुक मां ने प्रधानमंत्री से एक विशेष अपील भी की है। उनका कहना है कि जिस तरह पीएम मोदी देश के गांवों को गोद लेकर उनका विकास कर रहे हैं, वैसे ही वे इस बच्ची को भी अपने मार्गदर्शन में ले लें और उसका भविष्य संवारें। इसके साथ ही उन्होंने 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में दर्ज जीरो एफआईआर को वापस लेने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में बेटी की उम्र गलत बताई गई है, कृपया इसे वापस लें ताकि वह अब शांति से अपना जीवन जी सके।

'बच्चों के लिए बैन हो Instagram और Facebook'

वीडियो वायरल होने के बाद परिवार को भारी ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। इस दुर्व्यवहार से आहत मां ने सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने पीएम मोदी से अपील की है कि 10 से 20 साल के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पूरी तरह से बैन कर दिए जाएं ताकि वे सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। साथ ही, 18 साल से कम उम्र के बच्चों के किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर रोक लगनी चाहिए, क्योंकि आसानी से प्रभावित होने वाले इन बच्चों का भीड़ द्वारा गलत इस्तेमाल किया जाता है।

15 साल की लड़की ने मांगी माफी, कहा- 'भीड़ के बहकावे में आई'

इस घटना के बाद उस लड़की का एक माफीनामा वीडियो भी सामने आया है। हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए लड़की ने खुद को 15 साल का बताया। उसने सफाई दी कि वह अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस घूमने गई थी और वहां से जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल हो गई। वहां मौजूद भीड़ प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगा रही थी और वह उसी माहौल के प्रभाव में बहक गई। उसने अपनी गलती मानते हुए कहा कि उसने जो भी कहा वह माफी के लायक नहीं है।

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