निजाम की तारीफ और KCR पर हमला, रेवंत रेड्डी के बयान से तेलंगाना में सियासी घमासान

निजाम की तारीफ और KCR पर हमला, रेवंत रेड्डी के बयान से तेलंगाना में सियासी घमासान

तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को उस समय जबरदस्त राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया, जब मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के. चंद्रशेखर राव (KCR) पर बेहद तीखा हमला बोला। विधानसभा में भूमि रिकॉर्ड और विवादित सेक्शन 22-A के तहत आने वाली संपत्तियों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केसीआर मूल रूप से बिहार से तेलंगाना को लूटने के इरादे से आए थे।

उन्होंने भारत राष्ट्र समिति (BRS) के दस साल के शासनकाल में बड़े पैमाने पर सरकारी और ऐतिहासिक जमीनों को हड़पने का दावा किया। सीएम रेड्डी ने दो टूक कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में एक खास परिवार ने निजाम के दौर की बची हुई संपत्तियों पर कब्जा जमाने का खुला खेल खेला।

'गरीबों का हक एक परिवार ने लूटा, टेढ़े रास्ते से भी लाएंगे बाहर'

सदन के पटल पर कड़े तेवर दिखाते हुए रेवंत रेड्डी ने सवाल दागा कि केसीआर आखिर किस गांव से ताल्लुक रखते हैं, वे बिहार से यहां केवल संसाधन लूटने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि निजाम शासन ने 225 वर्षों तक राज किया और सब कुछ इसी धरती पर छोड़कर गए, लेकिन निजाम सरकार जो जमीनें गरीबों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए देना चाहती थी, वह आम जनता तक नहीं पहुंची। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक परिवार ने इस पूरी मिल्कियत को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया, जिसे मौजूदा कांग्रेस सरकार किसी भी हाल में सफल नहीं होने देगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कुछ भी गैरकानूनी ढंग से लिया गया है, सरकार उसे बेनकाब करेगी और अगर सीधे तरीके से बात नहीं बनी तो टेढ़े-मेढ़े रास्तों का इस्तेमाल करके भी सच बाहर लाया जाएगा। रेड्डी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें निजी संपत्ति बटोरने का कोई शौक नहीं है और ईश्वर की कृपा से उनके पास सब कुछ है, इसलिए उनका पूरा ध्यान केवल वंचितों के उत्थान पर है।

केसीआर के सिद्दिपेट एर्रावेली फार्महाउस की जमीन जांच के दायरे में

मुख्यमंत्री ने सदन में बड़ा ऐलान करते हुए सिद्दिपेट जिले के एर्रावेली स्थित केसीआर के आलीशान फार्महाउस के आसपास की जमीनों की उच्चस्तरीय जांच के औपचारिक निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विशाल संपत्ति में सरकारी तौर पर आवंटित जमीन का हिस्सा भी मिलाया गया है।

राजस्व और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को जमीन के वास्तविक मालिकाना हक, सीमांकन और मौजूदा स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि केसीआर और उनके पूरे कुनबे के पास पूरे तेलंगाना में करीब 439 एकड़ से अधिक भूमि का संदेहास्पद साम्राज्य फैला हुआ है।

बीआरएस का पलटवार: हरीश राव ने सीएम परिवार की संपत्तियों पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री के इन गंभीर आरोपों के तुरंत बाद बीआरएस विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया और सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। बीआरएस के वरिष्ठ विधायक और फ्लोर लीडर टी. हरीश राव ने कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाते हुए पलटवार किया। हरीश राव ने रेवंत रेड्डी के अपने पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों के नाम दर्ज जमीनों की मिल्कियत पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले को जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।

निजाम को 'कुशल प्रशासक' बताकर चौतरफा घिरे रेवंत, बीजेपी ने मांगा इस्तीफा

विवाद केवल जमीन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेलंगाना के राजस्व और भूमि बंदोबस्त के इतिहास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने निजाम को एक कुशल प्रशासक कह दिया। उन्होंने कहा कि निजाम ने दो सदियों से ज्यादा समय तक हैदराबाद पर शासन किया और प्रशासनिक क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल कीं। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब 17 सितंबर को 'हैदराबाद मुक्ति दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है। इस मौके पर केंद्र सरकार सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में भव्य कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिसमें उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हो रहे हैं।