दिल्ली में बड़ा खेल! पुलिस की बस से कूदकर आकाशवाणी भवन में घुसे राहुल-प्रियंका, सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
संसद से निर्वाचन आयोग दफ्तर की ओर मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ विपक्षी सांसदों का विरोध मार्च देखते ही देखते दिल्ली के लुटियंस जोन में बड़े सियासी ड्रामे में तब्दील हो गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में उतरे विपक्षी दलों के इस साझा प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद धर्मेंद्र यादव सहित कई दिग्गज नेता अगली कतार में थे। हालांकि, नीति आयोग के समीप सुरक्षाबलों की कड़ी बैरिकेडिंग के पास पहुंचते ही माहौल अचानक गर्मा गया। सपा नेता धर्मेंद्र यादव के बैरिकेड्स पर चढ़ने के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए।
हंगामे को बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने सांसदों को हिरासत में लेने के लिए मौके पर बसें लगा दीं। प्रत्यक्षदर्शियों और मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनका स्टाफ शुरुआत में एक बस में सवार भी हुए, लेकिन कुछ ही पलों में कैमरे की नजर पड़ी तो राहुल बस से उतरकर फुटपाथ पर खड़े थे। इससे पहले कि दिल्ली पुलिस की टीमें कुछ समझ पातीं, राहुल गांधी सुरक्षा घेरे को चकमा देकर सीधे पास स्थित आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) भवन परिसर में दाखिल हो गए। उनके पीछे-पीछे प्रियंका गांधी भी भवन के भीतर पहुंच गईं। अचानक सांसदों को अपने बीच देखकर लंच कर रहे आकाशवाणी के कर्मचारी पूरी तरह दंग रह गए।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, आकाशवाणी में प्रवेश कोई पूर्व निर्धारित योजना नहीं थी। रणनीति यह थी कि भवन के पिछले रास्ते से निकलकर सीधे चुनाव आयोग मुख्यालय पहुंचा जाए, क्योंकि मुख्य मार्ग पर पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। रास्ता बंद मिलने पर राहुल गांधी वहीं फर्श पर धरने पर बैठ गए। दोपहर करीब 12:20 बजे शुरू हुए इस अनोखे धरने के दौरान भीतर नेताओं के लिए समोसे और स्टिंग कोल्डड्रिंक मंगाई गई, जिसका राहुल और प्रियंका का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया।
धरने के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर 'वोट चोरी' के जरिए लोकतंत्र को बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए इसे गंभीर कृत्य करार दिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्षी दलों के करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन सरकार के इशारे पर पुलिस ने जन प्रतिनिधियों का रास्ता रोका।
यह गतिरोध दोपहर से लेकर देर शाम तक लगातार चलता रहा। रात करीब 8 बजे दिल्ली पुलिस के जवानों ने आकाशवाणी भवन के अंदर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, के. सुरेश, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, इमरान प्रतापगढ़ी, टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन और सपा सांसद मोहिबुल्ला नदवी समेत सभी नेताओं को बलपूर्वक बाहर निकाला और बसों में भरकर जीटीबी नगर स्थित किंग्सवे कैम्प पुलिस लाइन ले गई। थाने में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रात करीब 10 बजे पुलिस ने सभी विपक्षी नेताओं को रिहा कर दिया।