24 घंटे में दो बार पुलिस हिरासत से भागा एक ही आरोपी, सत्यमंगलम जंगल से पुलिस ने अब ऐसे दबोचा

24 घंटे में दो बार पुलिस हिरासत से भागा एक ही आरोपी, सत्यमंगलम जंगल से पुलिस ने अब ऐसे दबोचा

तमिलनाडु और कर्नाटक की सीमा से सटे सत्यमंगलम के घने जंगलों के आसपास से एक ऐसी चौंकाने वाली और फिल्मी कहानी सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद एक शातिर आरोपी ने महज 24 घंटे के भीतर एक नहीं, बल्कि दो-दो बार पुलिस की मजबूत कस्टडी को चकमा देकर फरार होने की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की गिरफ्त से बार-बार भागने के बाद जब इस शातिर अपराधी ने सत्यमंगलम के बीहड़ और खतरनाक जंगलों में शरण ली, तो स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि, खाकी को चुनौती देने वाले इस आरोपी की आजादी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। पुलिस की विशेष टीमों ने अत्याधुनिक ट्रैकिंग, स्थानीय मुखबिरों और जंगलों में चलाए गए विशाल सर्च ऑपरेशन के जरिए आरोपी को दोबारा एक बेहद नाटकीय अंदाज में धर दबोचा। इस पूरे घटनाक्रम ने पूरे इलाके में तहलका मचा दिया है।

पहली बार पुलिस कस्टडी को चकमा देकर फरार हुआ आरोपी

पूरे मामले की शुरुआत उस समय हुई जब स्थानीय पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कई संगीन मामलों में वांछित चल रहे इस आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी को थाने लाकर कानूनी कागजी कार्रवाई और डॉक्टरी जांच के लिए ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान, पुलिसकर्मियों की हल्की सी लापरवाही और नजर हटते ही आरोपी ने अपनी हथकड़ी को ढीला किया और पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला। थाने के भीतर से आरोपी के गायब होते ही पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस की कई गाड़ियों ने शहर के प्रमुख रास्तों और चौराहों पर नाकेबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू की। कड़ी मशक्कत और कुछ ही घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस की टीम ने पहली बार आरोपी को एक ठिकाने से दोबारा घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।

24 घंटे के भीतर दूसरी बार चकमा देकर उड़ाई पुलिस की नींद

पहली बार भागने की घटना के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि पुलिस प्रशासन अब अतिरिक्त सतर्कता बरतेगा और आरोपी पर पैनी नजर रखी जाएगी। लेकिन इसके ठीक उलट, आरोपी का दुस्साहस और पुलिस की सुरक्षा में चूक का दूसरा अंक जल्द ही देखने को मिला। आरोपी को जब आगे की कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट में पेशी या मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा था, तभी उसने एक बार फिर पुलिसकर्मियों को गच्चा दे दिया। इस बार आरोपी ने अत्यधिक फुर्ती दिखाते हुए पुलिस की गाड़ी का दरवाजा या सुरक्षा घेरा तोड़ दिया और भीड़भाड़ वाले इलाके का फायदा उठाकर गायब हो गया। 24 घंटे के भीतर एक ही आरोपी द्वारा पुलिस कस्टडी को दो बार चकमा देकर भागने की इस घटना ने पुलिस अधिकारियों के होश उड़ा दिए और इस खबर ने वरिष्ठ अधिकारियों तक खलबली मचा दी।

सत्यमंगलम के बीहड़ और खतरनाक जंगलों में ली शरण

दूसरी बार पुलिस कस्टडी से भागने के बाद आरोपी जानता था कि इस बार पुलिस उसे ढूंढने के लिए पूरा जोर लगा देगी। इसलिए उसने छिपने के लिए किसी शहरी इलाके के बजाय तमिलनाडु के इरोड जिले में स्थित सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व (Sathyamanagalam Tiger Reserve) से सटे घने और बीहड़ जंगलों का रुख किया। यह वही सत्यमंगलम का जंगल है जो अपनी घनी झाड़ियों, खतरनाक जंगली जानवरों और बीहड़ रास्तों के लिए जाना जाता है। आरोपी को लगा कि जंगलों की भूलभुलैया में पुलिस का पहुंचना लगभग नामुमकिन होगा और वह आसानी से राज्य की सीमा पार कर जाएगा। लेकिन उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि इस बार खाकी अपनी साख बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थी।

पुलिस ने बिछाया स्पेशल जाल: ड्रोन और डॉग स्क्वायड से महाऑपरेशन

आरोपी के सत्यमंगलम के जंगलों में भागने की खबर मिलते ही इरोड और आसपास के जिलों की पुलिस ने संयुक्त रूप से एक विशाल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जंगलों के सभी निकास द्वारों (Exit Points) को पूरी तरह से सील कर दिया गया। पुलिस की 5 से अधिक विशेष टीमों को जंगल के भीतर उतारे जाने के साथ-साथ डॉग स्क्वायड (Dog Squad) और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली गई। घने पेड़ों के बीच आरोपी की लोकेशन को ट्रैक करने के लिए थर्मल इमेजिंग कैमरों से लैस ड्रोन कैमरों (Drone Cameras) को आसमान में उड़ाया गया। पुलिसकर्मी हथियारों से लैस होकर जंगल के चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे थे ताकि किसी भी संभावित खतरे या आरोपी के छिपे होने के ठिकाने का पता लगाया जा सके।

सत्यमंगलम जंगल से ऐसे चढ़ा हत्थे: नाटकीय अंदाज में दोबारा गिरफ्तारी

करीब कई घंटों तक चले इस गहन तलाशी अभियान के बाद आखिरकार पुलिस की मेहनत रंग लाई। ड्रोन कैमरों की मदद से जंगल के एक नाले और घनी झाड़ियों के पीछे एक संदिग्ध हलचल को देखा गया। पुलिस की स्पेशल टीम ने बिना कोई समय गंवाए उस इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को चारों तरफ से सशस्त्र पुलिस बल से घिरा देखकर और भागने का कोई रास्ता न पाकर आरोपी की हवा निकल गई। पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर आरोपी को जमीन पर लिटाकर अपनी गिरफ्त में ले लिया। 24 घंटे में दूसरी बार दबोचे जाने के बाद आरोपी को बेहद सख्त सुरक्षा के बीच पुलिस वाहन में बैठाया गया और सीधे गुप्त स्थान पर ले जाया गया।

लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर गिर सकती है गाज

एक ही आरोपी के 24 घंटे के अंदर दो बार कस्टडी से फरार होने के इस सनसनीखेज मामले को पुलिस मुख्यालय ने बेहद गंभीरता से लिया है। शुरुआती जांच में सुरक्षा में गंभीर लापरवाही और एसओपी (SOP) का सही ढंग से पालन न करने की बात सामने आ रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। माना जा रहा है कि ड्यूटी पर तैनात संबंधित पुलिसकर्मियों, संतरी और कस्टडी प्रभारी अधिकारियों के खिलाफ जल्द ही निलंबन या अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज गिर सकती है। इस घटना ने एक तरफ जहां पुलिस की त्वरित सर्च ऑपरेशन क्षमता को साबित किया है, वहीं दूसरी तरफ हिरासत सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान भी लगा दिए हैं।