व्हाट्सएप-टेलीग्राम चैट से खुला राज, कौन हैं 'C9 उजैर', 'राणा' और 'आबिद जट्ट' जिनसे सीधे जुड़ा था जैश आतंकी हमीम?
कोलकाता। पश्चिम बंगाल एसटीएफ (STF) द्वारा गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संदिग्ध आतंकी मोहम्मद हमीम मंडल और उसकी महिला सहयोगी अर्पिता सरकार को लेकर एफआईआर (FIR) और पुलिस जांच में बेहद सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। जांच के मुताबिक, हमीम मंडल विदेशों से संचालित सोशल मीडिया और बिना सिम कार्ड के चलने वाले एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए पाकिस्तान में बैठे कई खतरनाक हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था। मोबाइल और सोशल मीडिया चैट खंगालने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने 'C9 उजैर', 'राणा', 'आबिद जट्ट 333' और 'हमद' जैसे कोडनेम और हैंडलर्स बेनकाब हुए हैं, जो भारत में एक बड़ा नेटवर्क चला रहे हैं।
शाहजाद भट्टी गैंग से जुड़े हैं ये पाकिस्तानी हैंडलर्स
पश्चिम बंगाल एसटीएफ की शुरुआती तफ्तीश और दर्ज एफआईआर से पता चला है कि 'C9 उजैर', 'राणा', 'हमद' और 'आबिद जट्ट 333' कोई साधारण अपराधी नहीं हैं, बल्कि ये सभी पाकिस्तान से संचालित होने वाले खतरनाक 'शाहजाद भट्टी गैंग' से जुड़े ऑपरेटर्स हैं। यह गैंग युवाओं के ब्रेनवॉश (कट्टरपंथी बनाने), नार्को-टेरर (ड्रग्स और आतंक का गठजोड़) और भारत के खिलाफ चरमपंथी साजिशों के लिए नए लड़कों की भर्ती करने में शामिल है। इन हैंडलर्स ने सबसे पहले इंस्टाग्राम के जरिए हमीम मंडल से संपर्क साधा था। इसके बाद बातचीत को पूरी तरह सीक्रेट रखने के लिए उन्होंने व्हाट्सएप, टेलीग्राम के अलावा 'एलिमेंट एक्स' (Element X) और 'सेशन' (Session) जैसे आधुनिक एनक्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल शुरू कर दिया, जो बिना फोन नंबर साझा किए चलते हैं और जिनका डेटा किसी खास सर्वर पर स्टोर नहीं होता।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को टारगेट करने और दिल्ली में तबाही की थी साजिश
पकड़े गए आतंकी हमीम मंडल को इन पाकिस्तानी आकाओं ने देश को दहलाने के लिए बेहद खतरनाक टास्क सौंपे थे। एफआईआर के मुताबिक, इन हैंडलर्स के इशारे पर हमीम पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था और उनके मूवमेंट पर नजर रख रहा था। उसे निर्देश दिया गया था कि वह ऐसी जगहों की रेकी करे जहां मुख्यमंत्री की सुरक्षा में थोड़ी भी ढील हो। इसके साथ ही, इस मॉड्यूल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए छात्रों के प्रदर्शन में पुलिस की वर्दी पहनकर घुसने और वहां बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ व हिंसक साजिश को अंजाम देने की पूरी प्लानिंग कर रखी थी। उनके निशाने पर कई बड़े राजनेता और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी थे।
झारखंड की अर्पिता सरकार को बनाया जा रहा था 'हनीट्रैप और जासूसी' का मोहरा
इस पूरे टेरर मॉड्यूल का सबसे चौंकाने वाला पहलू 'हनीट्रैप' (Honey-trap) और ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क है। एसटीएफ ने हमीम की महिला मित्र अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर और मॉडल बनने की चाहत रखने वाली अर्पिता का इस्तेमाल पाकिस्तानी हैंडलर्स भारत में एक बड़ा जासूसी नेटवर्क खड़ा करने के लिए कर रहे थे। एफआईआर के खुलासे के मुताबिक, इन हैंडलर्स के इशारे पर हमीम और अर्पिता ने पश्चिम बंगाल के एक राज्य मंत्री के बेटे को अपने जाल में फंसाने (हनीट्रैप), उसका अपहरण करने और फिर परिवार से मोटी रकम वसूलने की साजिश रची थी। अर्पिता को सोशल मीडिया के जरिए बड़े नेताओं, अधिकारियों और उनके सचिवों से संपर्क बढ़ाकर संवेदनशील जानकारियां निकालने तथा हत्या व अपहरण जैसी वारदातों के लिए बकायदा ट्रेनिंग दी जा रही थी।